नगर निगम में BJPपार्षद ने नस काटने का प्रयास किया:अफसरों पर विकास कार्यों की फाइलें दबाने का आरोप, बोले- जनता के काम नहीं हो रहे

Nov 02, 2026 - 16:05
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नगर निगम में BJPपार्षद ने नस काटने का प्रयास किया:अफसरों पर विकास कार्यों की फाइलें दबाने का आरोप, बोले- जनता के काम नहीं हो रहे
कानपुर नगर निगम में महापौर और पार्षदों के बीच चल रही खींचतान के बीच सोमवार को नया विवाद सामने आया। वार्ड-37 अशोक नगर के भाजपा पार्षद पवन गुप्ता ने क्षेत्र में विकास कार्य नहीं होने का आरोप लगाते हुए नगर निगम मुख्यालय में अपने हाथ की नस काटने का प्रयास किया। अचानक हुई इस घटना से वहां मौजूद कर्मचारियों और पार्षदों में हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद पार्षद विकास जायसवाल और लक्ष्मी कोरी ने बीचबचाव कर उन्हें रोका। विकास जायसवाल ने उनके हाथ से उस्तरा छीन लिया, जिसके बाद स्थिति संभली। विकास कार्यों की फाइलों को लेकर एक्सईएन से हुई बहस पार्षद पवन गुप्ता सोमवार दोपहर करीब तीन बजे मोतीझील स्थित नगर निगम मुख्यालय पहुंचे थे। यहां उन्होंने जोन-1 के अधिशासी अभियंता आलोक श्रीवास्तव से क्षेत्र के विकास कार्यों से जुड़ी लंबित फाइलों के बारे में जानकारी मांगी। इसी दौरान दोनों के बीच गहमागहमी बढ़ गई। इसके बाद पवन गुप्ता ने जेब से उस्तरा निकालकर अपनी नस काटने का प्रयास किया। यह देखकर आलोक श्रीवास्तव वहां से चले गए। तभी मौके पर मौजूद पार्षद विकास जायसवाल, पार्षद लक्ष्मी कोरी और कर्मचारियों ने बीच-बचाव किया। तीन साल से नहीं बना ब्रह्मनगर चौराहा पवन गुप्ता ने आरोप लगाया कि महापौर प्रमिला पांडेय और उनके बेटे अमित पांडेय के इशारे पर नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ब्रह्मनगर चौराहा धंसने के तीन साल बाद भी उसका काम पूरा नहीं हो सका है। वहीं, 80 फीट रोड पर चार महीने पहले नाला धंस गया था। नाले का निर्माण तो करा दिया गया, लेकिन सड़क की मरम्मत अब तक पूरी नहीं हुई है। पार्षद का कहना है कि दीपावली जैसे त्योहार के दौरान भी क्षेत्र में विकास कार्य पूरे नहीं हो पा रहे हैं। इससे नाराज स्थानीय लोग उनसे जवाब मांगते हैं और उनका घेराव करते हैं। अधिकारियों पर फाइलें दबाने का आरोप पवन गुप्ता ने आरोप लगाया कि विकास कार्यों के प्रस्ताव देने के बावजूद अधिकारी फाइलों को इधर-उधर कर लंबित रखते हैं। उन्होंने कहा कि नगर आयुक्त से कई बार शिकायत करने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई। जोनल अधिकारी राजेश सिंह और जोन-4 की अधिशासी अभियंता मीनाक्षी अग्रवाल भी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। पार्षद ने कहा कि जनता के हित में वह मजबूरी में ऐसा कदम उठाने को मजबूर हुए। उन्होंने चेतावनी दी कि संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह आगे भी कोई ठोस कदम उठाएंगे।

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