श्रावस्ती के 12 गांवों के भू-स्वामी दावा कर सकेंगे:5 नवंबर तक मौका; रेल से जोड़ो संघर्ष समिति ने जल्द निर्माण शुरू करने की मांग की
श्रावस्ती :जनपद के खलीलाबाद-बहराइच नई रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण से प्रभावित श्रावस्ती के 12 गांवों के भू-स्वामी 5 नवंबर 2026 तक दावा पेश कर सकते हैं। सोमवार शाम 4:00 बजे प्रशासन ने बताया कि जिला प्रशासन ने इसके लिए समय भी तय किया है। दरअसल अपर जिलाधिकारी एवं भूमि अधिग्रहण के सक्षम अधिकारी ललित कुमार ने बताया कि भू-स्वामी 5 नवंबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक कलेक्ट्रेट भिनगा स्थित कार्यालय में दावा पेश कर सकते हैं। भूमि अधिग्रहण तहसील जमुनहा के भीखमपुर दुलहिया और शाहपुर कठौतिया; तहसील इकौना के मझौवा सुमाल, सेमरी तरहर, गनेशपुर, खैराकलां, रमनगरा, किढ़ियौना और गिलौली; और तहसील भिनगा के बहादुरपुर, राजापुर रानी और भिनगा देहात में चल रहा है। इन गांवों के लिए रेल अधिनियम 1989 की धारा 20ड के तहत अधिसूचना 21 अगस्त 2026 को भारत के राजपत्र और 8 सितंबर को दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई थी। इस बीच, ‘श्रावस्ती को रेल से जोड़ो संघर्ष समिति’ के संचालक पंकज देव मिश्रा ने परियोजना के निर्माण में देरी पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि श्रावस्ती में करीब 90 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण हो चुका है, लेकिन निर्माण की रफ्तार धीमी है। पंकज मिश्रा ने कहा कि जब बजट की कमी नहीं है, तो निर्माण में देरी क्यों हो रही है। उन्होंने रेल लाइन का निर्माण जल्द पूरा कर श्रावस्ती को रेल नेटवर्क से जोड़ने की मांग की। मिश्रा ने बताया कि वे 2014 से जंतर-मंतर तक आंदोलन कर रहे हैं। वहीं किसानों को दावा पेश करने की अंतिम तारीख 5 नवंबर 2026 है। भू-स्वामी कलेक्ट्रेट भिनगा स्थित सक्षम अधिकारी (भूमि अधिग्रहण) अपर जिलाधिकारी कार्यालय में दावा दे सकते हैं।
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