मिशन 2027 के लिए भाजपा की नई टीम तैयार, पंकज चौधरी ने साधे बड़े समीकरण
उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने नई प्रदेश टीम की घोषणा कर दी है। संगठन में आठ महामंत्री, छह क्षेत्रीय अध्यक्ष और उन्नीस उपाध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं। नई टीम को वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों और सामाजिक-क्षेत्रीय संतुलन की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
दि राइजिंग न्यूज़ | लखनऊ | 25 जून 2026
मिशन 2027 की तैयारी में भाजपा ने बदला संगठनात्मक समीकरण
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने अपने संगठन में बड़ा फेरबदल किया है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने नई प्रदेश टीम की घोषणा करते हुए विभिन्न सामाजिक वर्गों और क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया है। राजनीतिक जानकार इसे वर्ष 2027 के चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत मान रहे हैं।नई टीम के गठन के साथ पार्टी ने यह संकेत देने की कोशिश की है कि वह प्रदेश के हर वर्ग और क्षेत्र तक अपनी पहुंच को और मजबूत करना चाहती है। संगठन में किए गए बदलावों को समाजवादी पार्टी के जातीय समीकरणों की रणनीति का जवाब भी माना जा रहा है। भाजपा नेतृत्व ने अनुभवी और नए चेहरों के बीच संतुलन बनाने का प्रयास किया है।
आठ महामंत्रियों को मिली अहम जिम्मेदारी
प्रदेश संगठन में आठ महामंत्रियों की नियुक्ति की गई है। इन पदाधिकारियों को संगठन विस्तार, कार्यकर्ता समन्वय और चुनावी रणनीति को मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि मजबूत संगठन ही चुनावी सफलता की सबसे बड़ी कुंजी होता है।महामंत्रियों के रूप में राम प्रताप सिंह चौहान, गीता शाक्य, अभिजात मिश्रा, उपेंद्र रावत, संजय सिंह, शंकर लोधी, दिलीप पटेल और राजेश चौधरी को जिम्मेदारी दी गई है। इन नियुक्तियों के जरिए विभिन्न सामाजिक समूहों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश साफ दिखाई देती है।
छह क्षेत्रीय अध्यक्षों के जरिए क्षेत्रीय संतुलन पर जोर
भाजपा ने प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में संगठन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए छह क्षेत्रीय अध्यक्षों की नियुक्ति की है। पार्टी का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर संगठनात्मक पकड़ को मजबूत करना और क्षेत्रीय मुद्दों को प्राथमिकता देना है। इससे चुनावी तैयारियों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।ब्रज क्षेत्र की जिम्मेदारी पूरन सिंह लोधी को सौंपी गई है। पश्चिम क्षेत्र में नवाब सिंह नागर, कानपुर क्षेत्र में रामकिशोर साहू, अवध क्षेत्र में अवधेश द्विवेदी, काशी क्षेत्र में अशोक चौरसिया और गोरखपुर क्षेत्र में विनोद राय को क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाया गया है। इन नियुक्तियों को क्षेत्रीय संतुलन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उन्नीस उपाध्यक्षों के जरिए सामाजिक विस्तार की रणनीति
प्रदेश संगठन में उन्नीस उपाध्यक्षों की नियुक्ति भी की गई है। इन नियुक्तियों के माध्यम से पार्टी ने अलग-अलग वर्गों और समुदायों को संगठन में स्थान देने का प्रयास किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम भाजपा के व्यापक सामाजिक विस्तार अभियान का हिस्सा है।उपाध्यक्ष पद पर सुरेश राणा, सत्यपाल सैनी, ब्रज बहादुर, धर्मेंद्र सिंह, मोहित बेनीवाल, देवेश कोरी, प्रियंका रावत, दुर्विजय शाक्य, रमेश सिंह, नीरज सिंह, अर्चना मिश्रा, पूजा पाल, शंकर गिरी, कामेश्वर सिंह, कृतिका अग्रवाल, सुरेश मौर्य, राजेश यादव, कृष्ण बिहारी राय और आलोक गुप्ता को जिम्मेदारी दी गई है। इन नामों के चयन में सामाजिक और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व का विशेष ध्यान रखा गया है।
सपा की रणनीति का जवाब मानी जा रही नई टीम
राजनीतिक गलियारों में नई टीम को समाजवादी पार्टी की सामाजिक न्याय आधारित राजनीति का जवाब माना जा रहा है। भाजपा ने विभिन्न पिछड़े, अति पिछड़े, अनुसूचित और सामान्य वर्गों के नेताओं को संगठन में स्थान देकर व्यापक सामाजिक संदेश देने की कोशिश की है। आगामी विधानसभा चुनावों में जातीय और सामाजिक समीकरण महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हैं। ऐसे में भाजपा की नई टीम को केवल संगठनात्मक बदलाव नहीं बल्कि चुनावी रणनीति के बड़े हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में यह टीम प्रदेश भर में संगठन विस्तार और जनसंपर्क अभियान को गति दे सकती है।