अब देश में न्यूनतम 300 रुपये प्रतिदिन मिलेंगे

केंद्र सरकार ने वीबी-जी राम जी योजना के तहत ग्रामीण श्रमिकों की मजदूरी में 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। नई अधिसूचना के अनुसार अब देश के किसी भी राज्य में मजदूरी 300 रुपये प्रतिदिन से कम नहीं होगी। राष्ट्रीय औसत दैनिक मजदूरी भी बढ़कर 327.4 रुपये हो गई है। सरकार का कहना है कि इस फैसले से ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ेगी और रोजगार सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।

अब देश में न्यूनतम 300 रुपये प्रतिदिन मिलेंगे

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 2 जुलाई 2026

ग्रामीण मजदूरों के लिए केंद्र सरकार का बड़ा फैसला

केंद्र सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए बड़ा फैसला लेते हुए वीबी-जी राम जी योजना के तहत मजदूरी दरों में बढ़ोतरी की है। सरकार ने विभिन्न राज्यों में मजदूरी में 15 प्रतिशत से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि की है। नई अधिसूचना के अनुसार अब देश के किसी भी राज्य में ग्रामीण मजदूरों को 300 रुपये प्रतिदिन से कम मजदूरी नहीं मिलेगी।

राष्ट्रीय औसत मजदूरी में भी हुआ इजाफा

सरकार के अनुसार पहले राष्ट्रीय औसत दैनिक मजदूरी 298.8 रुपये थी, जिसे बढ़ाकर 327.4 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है। इस प्रकार औसतन 28.6 रुपये प्रतिदिन की बढ़ोतरी की गई है। नई मजदूरी दरें लागू होने से लाखों ग्रामीण श्रमिकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

कम मजदूरी वाले राज्यों को सबसे अधिक फायदा

नई व्यवस्था में उन राज्यों को सबसे अधिक लाभ मिला है जहां पहले मजदूरी अपेक्षाकृत कम थी। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम, अरुणाचल प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में मजदूरी दरों में 15 से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है। इससे इन राज्यों के ग्रामीण श्रमिकों की आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।

केरल सहित कई राज्यों में पहले से अधिक मजदूरी

सरकार ने उन राज्यों की मजदूरी भी बढ़ाई है जहां पहले से दैनिक मजदूरी अधिक थी। केरल, हरियाणा, पंजाब और कर्नाटक में अब मजदूरी 360 रुपये से 409 रुपये प्रतिदिन के बीच पहुंच गई है। वहीं सिक्किम अब भी सबसे अधिक दैनिक मजदूरी देने वाला राज्य बना हुआ है, जहां श्रमिकों को 450 रुपये प्रतिदिन का भुगतान किया जाएगा।

रोजगार की अवधि भी बढ़ाई गई

सरकार ने बताया कि वीबी-जी राम जी अधिनियम के तहत अब ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी दी जाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और लोगों का शहरों की ओर पलायन कम होने की संभावना है। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण परिवारों की आय अधिक स्थिर होगी।

गरीब राज्यों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी

नई मजदूरी व्यवस्था के तहत अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड जैसे राज्यों में लगभग 24.5 प्रतिशत तक मजदूरी बढ़ाई गई है। सरकार का उद्देश्य कम आय वाले राज्यों के श्रमिकों को अधिक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना और क्षेत्रीय असमानताओं को कम करना है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा मजबूती

केंद्र सरकार का कहना है कि नई मजदूरी दरों से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की क्रय शक्ति बढ़ेगी, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और रोजगार के अधिक अवसर पैदा होंगे। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक समृद्धि और संतुलित विकास सुनिश्चित करना है।