यूपी में अर्नब तूफान से 8°C पारा गिरा:वाराणसी में देर रात बारिश हुई, सुबह 10 से अधिक जिलों में कोहरा छाया
यूपी में ‘अर्नब’ तूफान के असर से 3 दिन लगातार हुई बारिश से ठंड बढ़ गई है। दिन का तापमान 8°C तक लुढ़क गया है। लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया- एक हफ्ते में दिन के तापमान में 5°C से 7°C की बढ़ोतरी होगी। रात में पारा 4°C से 6°C तक गिरेगा। सुबह सहारनपुर समेत 10 से अधिक जिलों में हल्का कोहरा छाया हुआ है। रविवार की बात करें तो रात में वाराणसी में तेज बारिश हुई। सुबह लखनऊ, सहारनपुर, शामली, बागपत और मुजफ्फरनगर समेत 10 शहरों में कोहरा छाया रहा। सड़कों पर सन्नाटा दिखा और 50 मीटर दूर देखना भी मुश्किल था। अक्टूबर में औसत से 14% ज्यादा बारिश हुई भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, यूपी में अक्टूबर महीने में 32.1 मिमी बारिश हुई, जबकि औसत अनुमान 28.2 मिमी का था। ऐसे में औसत से 14% ज्यादा बारिश हुई। अब सुबह कहीं-कहीं हल्का कोहरा देखने को मिलेगा। नवंबर में पूर्वांचल में बारिश के आसार मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकतर इलाकों में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। वहीं, पश्चिमी यूपी में सामान्य से कम वर्षा के आसार हैं। पूर्वांचल में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य या सामान्य से कुछ कम रह सकता है। इसके उलट पश्चिमी यूपी में तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है। अक्टूबर में प्रदेश का औसत तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक रहा था, जबकि पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती गतिविधियों के चलते बारिश सामान्य दर्ज की गई। ग्राफिक्स में देखिए यूपी के सबसे 5 ठंडे जिले ग्राफिक्स में देखिए यूपी के सबसे 5 सबसे गर्म जिले रबी फसलों की बुवाई और सिंचाई में बरतें सावधानी नवंबर में बारिश की संभावना को देखते हुए किसानों को रबी फसलों के प्रबंधन में सतर्क रहने की सलाह दी गई है। खासकर पूर्वांचल में गेहूं, चना, मटर और सरसों की बुवाई के दौरान खेतों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखें। निचले खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान हो सकता है। जिन खेतों में बारिश के कारण पर्याप्त नमी है, वहां अनावश्यक सिंचाई से बचें। मौसम की स्थिति और मिट्टी में नमी को देखते हुए ही बुवाई और सिंचाई का निर्णय लें। CM बोले- फसल बर्बादी पर किसानों को तत्काल मुआवजा दें अतिवृष्टि और अर्नब तूफान से फसलों को हुए नुकसान पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंभीरता दिखाई है। उन्होंने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को फील्ड में उतरकर तत्काल फसल क्षति का आकलन कराने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा कि प्रभावित किसानों को मुआवजा देने में देरी नहीं होनी चाहिए। यदि फसल का नुकसान निर्धारित मुआवजे के दायरे से अधिक है तो भी किसानों को राहत देने के लिए जरूरी कार्रवाई की जाए।
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