यूथ ओलिंपिक्स में तन्वी पात्री का इतिहास:भारतीय महिला सिंगल्स खिलाड़ी ने पहली बार जीता सिल्वर, फाइनल में वर्ल्ड जूनियर चैंपियन से हारीं

Nov 06, 2026 - 06:23
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यूथ ओलिंपिक्स में तन्वी पात्री का इतिहास:भारतीय महिला सिंगल्स खिलाड़ी ने पहली बार जीता सिल्वर, फाइनल में वर्ल्ड जूनियर चैंपियन से हारीं
तन्वी पात्री यूथ ओलिंपिक्स में सिल्वर मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला सिंगल्स बैडमिंटन खिलाड़ी बन गईं। डकार, सेनेगल में गुरुवार को फाइनल में उन्हें वर्ल्ड जूनियर चैंपियन झांग यी शिन से हार मिली। 15 साल की तन्वी ने गोल्ड मेडल मैच में छह मैच पॉइंट बचाए। हालांकि, वह अपने तीन मैच पॉइंट का फायदा नहीं उठा सकीं। झांग ने 1 घंटे 22 मिनट चले मुकाबले में 15-21, 21-13, 26-24 से जीत दर्ज की। तन्वी से पहले एचएस प्रणय ने 2010 और लक्ष्य सेन ने 2018 यूथ ओलिंपिक्स में व्यक्तिगत सिल्वर मेडल जीता था। लक्ष्य ने आठ देशों के शटलर्स वाली टीम अल्फा के साथ मिक्स्ड टीम गोल्ड भी जीता था। फाइनल में तन्वी की चुनौती गुरुवार को गोल्ड मेडल मैच में तन्वी ने पहले गेम में धीरे शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने लगातार सात पॉइंट जीते और स्कोर 3-5 से 10-5 कर दिया। तन्वी ने अपने पंच टॉस से कई मौके बनाए। उन्होंने नेट पर भी शानदार नियंत्रण रखा। इसके बाद 25 मिनट में पहला गेम जीत लिया। दूसरे गेम की शुरुआत तन्वी ने 4-0 की बढ़त के साथ की। लेकिन उनके पीछे से आ रही हवा का असर क्लियर शॉट पर पड़ा और उनका नियंत्रण कमजोर हुआ। मिड-गेम इंटरवल के बाद झांग ने गेम पर पकड़ बना ली। उन्होंने दूसरा गेम जीतकर मुकाबला निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया। निर्णायक गेम में वापसी निर्णायक गेम में झांग ने अपने खास क्रॉस-कोर्ट ड्रॉप शॉट से शुरुआत में ही बढ़त बना ली। वह 19-10 से आगे हो गईं। तन्वी ने वापसी करते हुए अंतर 19-15 कर दिया। इसके बाद भारतीय खिलाड़ी के क्रॉस-कोर्ट स्मैश की गलती से झांग को पांच मैच पॉइंट मिल गए। तन्वी ने झांग के पांच मैच पॉइंट बचाए। इसके बाद उनके पास गोल्ड मेडल जीतने के तीन मौके भी आए। लेकिन अंत में झांग के अनुभव ने फर्क पैदा किया। BAI महासचिव ने दी बधाई बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महासचिव ने तन्वी की उपलब्धि पर कहा कि उन्होंने ऐतिहासिक प्रदर्शन से पूरे देश को गर्व महसूस कराया है। उन्होंने कहा, “सिर्फ 15 साल की उम्र में सिल्वर मेडल जीतना असाधारण उपलब्धि है। यह भारत के लिए बेहद गर्व का पल है।” उन्होंने कहा कि पूरे टूर्नामेंट में तन्वी के जज्बे, धैर्य और प्रदर्शन से युवा खिलाड़ियों की क्षमता दिखती है। महासचिव ने कहा कि यह उपलब्धि भारतीय खेलों के लिए महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह वैश्विक मंच पर भारतीय खिलाड़ियों की बढ़ती मौजूदगी का सबूत भी है। उन्होंने बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया और उसके सदस्य साथियों की ओर से तन्वी और उनकी यात्रा में सहयोग करने वाले सभी लोगों को बधाई दी।

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