पंजाब में AAP-कांग्रेस की लड़ाई से किसे फायदा? 2027 विधानसभा चुनाव की तस्वीर क्या होगी?
पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच टकराव तेज हो गया है। तीन विधायकों के भाजपा में जाने और अकाली दल की सक्रियता से चुनावी मुकाबला दिलचस्प होने की संभावना है।
दि राइजिंग न्यूज़ | पंजाब | 6 नवंबर 2026
पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए नशे और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरा है। वहीं, आम आदमी पार्टी के तीन विधायकों के भाजपा में शामिल होने से राज्य की राजनीति में नए समीकरण बनने लगे हैं। इस लड़ाई का फायदा भाजपा और शिरोमणि अकाली दल को मिल सकता है।
4 नवंबर को संगरूर में आयोजित कांग्रेस की इंसाफ रैली में राहुल गांधी ने भगवंत मान सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब को नशामुक्त बनाने का वादा पूरा नहीं हुआ। राहुल ने भगवंत मान पर व्यक्तिगत टिप्पणी भी की, जिसके बाद आम आदमी पार्टी ने पलटवार किया। दूसरी ओर, 2 नवंबर को आप के तीन विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा, चेतन सिंह जौड़ामाजरा और कुंवर विजय प्रताप सिंह भाजपा में शामिल हो गए। इन नेताओं ने पार्टी छोड़ने के पीछे सरकार की नीतियों और पुराने वादे पूरे नहीं होने का हवाला दिया।
पंजाब में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच मुकाबला पहले से चला आ रहा है। 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने 13 में से सात सीटें जीती थीं, जबकि आम आदमी पार्टी को तीन सीटें मिली थीं। भाजपा एक भी सीट नहीं जीत सकी, लेकिन उसका मत प्रतिशत लगभग 18.6 रहा। वहीं, 2022 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 92 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी।
2027 के विधानसभा चुनाव में चार राजनीतिक ताकतों के बीच मुकाबला देखने को मिल सकता है। आम आदमी पार्टी के सामने अपने पांच साल के कामकाज का हिसाब देने की चुनौती होगी। कांग्रेस सत्ता में वापसी की कोशिश करेगी, जबकि भाजपा असंतुष्ट नेताओं को अपने साथ जोड़कर संगठन मजबूत करने में जुटी है। शिरोमणि अकाली दल भी अपनी पुरानी राजनीतिक जमीन वापस पाने की कोशिश करेगा। अमृतपाल सिंह के समर्थकों की ओर से बने अकाली दल (वारिस पंजाब दे) से पंथक वोटों का समीकरण भी प्रभावित हो सकता है।
फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि 2027 में किसकी सरकार बनेगी। लेकिन इतना साफ है कि आप और कांग्रेस के बीच बढ़ती दूरी ने भाजपा और अकाली दल के लिए नए राजनीतिक अवसर पैदा कर दिए हैं। चुनाव में नशा, बेरोजगारी, किसान, कानून-व्यवस्था और राज्य की आर्थिक स्थिति जैसे मुद्दे निर्णायक साबित हो सकते हैं।
कीवर्ड: पंजाब विधानसभा चुनाव 2027
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