133 पन्नों की याचिका में सजा-ए-मौत रद्द करने की मांग:पति को सांप से डसवाने वाली रविता प्रेमी के साथ हाईकोर्ट पहुंची
प्रदेश के बहुचर्चित मेरठ 'सांप कांड' यानी अमित कश्यप हत्याकांड में मेरठ कोर्ट से फांसी की सजा पाने वाले दोनों दोषियों, अमरदीप और रविता ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
16 अक्टूबर को मेरठ की एडीजे कोर्ट द्वारा सुनाई गई फांसी की सजा और दोषसिद्धि के फैसले को चुनौती देते हुए दोषियों के अधिवक्ताओं ने 133 पन्नों की याचिका दायर की है। अपील में ट्रायल कोर्ट के फैसले को त्रुटिपूर्ण बताते हुए दोषसिद्धि के आदेश पर रोक लगाने और मृत्युदंड को रद्द करने की मांग की गई है। हाई कोर्ट में इसी सप्ताह मामले की सुनवाई हो सकती है। यह सनसनीखेज मामला मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव का है, जहां 12 अप्रैल 2025 की रात अमित कश्यप की घर के अंदर गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। हत्या को प्राकृतिक रूप देने के लिए शव पर एक जिंदा सांप छोड़ा गया था ताकि यह सर्पदंश लगे, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पोल खोल दी जिसमें मौत की वजह दम घुटना सामने आई। कॉल डिटेल और गवाहों से रविता और उसके प्रेमी अमरदीप के अवैध संबंधों का खुलासा हुआ, जिनकी वारदात की रात पचास से अधिक बार फोन पर बातचीत हुई थी। मेरठ की एडीजे कोर्ट ने 7 अक्टूबर 2026 को दोनों को दोषी ठहराते हुए 16 अक्टूबर को 'रेयरेस्ट ऑफ द रेयर' मानते हुए मृत्युदंड और पच्चीस-पच्चीस हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया था। साथ ही साक्ष्य छिपाने पर सात वर्ष के कठोर कारावास और मृतक के तीनों बच्चों की परवरिश का दायित्व जिला प्रशासन को सौंपा था। जज ने कहा था- ये कृत्य किया जो माफी लायक नहीं सजा सुनाने के दौरान ADJ-12 जयवीर सिंह नागर ने नीला ड्रम हत्याकांड का नाम लिए बगैर कहा था- 'केवल काट डालना ही जघन्य अपराध नहीं है।' जज ने फैसले में सती सावित्री का जिक्र किया। कहा- 'पति की लंबी उम्र के लिए पत्नी करवाचौथ का व्रत करती है, लेकिन यहां प्रेमी के साथ ये कृत्य किया जो माफी लायक नहीं है।' जज ने इसे रेयरेस्ट ऑफ रेयर माना और पेन तोड़कर फेंक दिया। 14 अक्टूबर को नीले ड्रम वाली मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को फांसी की सजा सुनाई गई थी। अब पति की हत्या और सांप से डसवाने की पूरी कहानी, पढ़िए अमित कश्यप बहसूमा थाना के गांव अकबरपुर सादात का रहने वाला था। अमरदीप, अमित के साथ टाइल्स-पत्थर लगाने का काम करता था। उसका अमित के घर आना-जाना था। इस दौरान अमरदीप का रविता से अफेयर हो गया। अमित को इसकी भनक लग गई थी। इसके बाद रविता और अमरदीप ने उसकी हत्या की साजिश रची। दोनों ने एक सपेरे से 1000 रुपए में सांप खरीदा। 12 अप्रैल, 2025 की रात अमित के सोने के बाद रविता ने बॉयफ्रेंड अमरदीप को फोन करके बुलाया। दोनों ने अमित की हत्या कर दी, फिर बिस्तर पर सांप छोड़ दिया। इसके बाद बॉयफ्रेंड को वहां से भगा दिया और खुद दूसरे कमरे में सोने चली गई। सुबह जब घरवाले उठे, तो देखा कि अमित की मौत हो चुकी थी। शरीर पर सांप के डसने के निशान थे। घरवालों को लगा कि अमित की मौत सांप के डसने से हुई है। घरवालों ने सपेरे को बुलवाया। वह सांप को पकड़कर अपने साथ ले गया। अमित के शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। उसके शरीर पर सांप के डसने के 10 निशान मिले। 5 दिन बाद पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आई। इसमें पता चला कि अमित की मौत सांप के डसने से नहीं, बल्कि दम घुटने से हुई थी। शक के आधार पर पुलिस ने पहले रविता को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने बॉयफ्रेंड का नाम बताया। फिर पुलिस ने दोनों से पूछताछ की तो उन्होंने जुर्म कबूल कर लिया। बाद में जांच में यह भी पता चला था कि जिस सांप से डसवाया गया था, वह न जहरीला था, न ही उसके दांत थे। तब से रविता मेरठ जेल में बंद हैं। प्रेमी अमरदीप जमानत पर बाहर आया था, लेकिन 7 अक्टूबर को दोषी ठहराए जाने के बाद उसे फिर से जेल में बंद कर दिया गया है।
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