22 साल बाद तरकुलवा गांव में स्थापित हुई लक्ष्मी प्रतिमा:संतकबीर नगर में सुरक्षा को लेकर पुलिस अलर्ट, गांव में उत्साह
संतकबीरनगर जिले के बखिरा थाना क्षेत्र के तरकुलवा गांव में गुरुवार को वर्षों बाद लक्ष्मी प्रतिमा स्थापना को लेकर उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला। वर्ष 2004 में प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई हिंसक घटना के बाद से संवेदनशील बने इस मामले को लेकर इस बार पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। पुलिस अधिकारियों की सक्रियता बैंड-बाजे और श्रद्धालुओं के जयकारों के बीच लक्ष्मी प्रतिमा गांव पहुंची तो ग्रामीणों और आयोजन से जुड़े लोगों में खासा उत्साह दिखाई दिया। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की सक्रियता भी पूरे समय बनी रही। अधिकारियों की मौजूदगी में प्रतिमा का गांव में आगमन हुआ। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी), अपर जिलाधिकारी (एडीएम), उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी मेंहदावल, थानाध्यक्ष बखिरा और थानाध्यक्ष मेंहदावल समेत भारी संख्या में पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद रहे। प्रतिमा के आगमन और स्थापना कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई थी। अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए रहे, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न होने पाए और श्रद्धालुओं को भी किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। इस वजह से नही बैठ रही थी प्रतिमा: गौरतलब है कि वर्ष 2004 में तरकुलवा गांव से लक्ष्मी प्रतिमा विसर्जन के लिए मुस्लिम बस्ती के रास्ते ढोढ़या ले जाई जा रही थी। इसी दौरान कुछ लोगों के बीच विवाद शुरू हो गया, जिसने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया था। घटना के दौरान पुलिस चौकी में आगजनी की गई थी। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को गोली चलानी पड़ी थी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से प्रतिमा ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। तभी से यह मामला क्षेत्र में संवेदनशील बना हुआ था। इस बार आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने पहले से ही व्यापक तैयारियां शुरू कर दी थीं। सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया मंगलवार को जिलाधिकारी अनुज मलिक और पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीणा भारी पुलिस बल के साथ तरकुलवा गांव पहुंचे थे और मौके का जायजा लेकर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया था। नगर पंचायत प्रशासन की ओर से भी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए कदम उठाए गए। अधिशासी अधिकारी सीमा राय ने मौके पर पहुंचकर तैयारियों का निरीक्षण किया था। साथ ही सड़क के दोनों किनारों पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए माइक से मुनादी कराई गई थी। बैंड-बाजे और श्रद्धालुओं के जयकारों वर्षों पुराने संवेदनशील प्रकरण के बीच इस बार लक्ष्मी प्रतिमा का बैंड-बाजे और श्रद्धालुओं के जयकारों के साथ गांव पहुंचना क्षेत्र में खासा चर्चा का विषय बना रहा। पुलिस और प्रशासन की मुस्तैदी तथा सुरक्षा के व्यापक इंतजामों के बीच प्रतिमा आगमन का कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
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