अधिकारियों की मौजूदगी में बंद हो गया स्ट्रांगरूम का कैमरा:एमएलसी प्रत्याशी का आरोप - देर रात भी हुआ था डेढ़ घंटा बंद, चुनाव आयोग से की अपील
वाराणसी के पहाड़िया मंडी में 23 तारीख को हुए वाराणसी खंड स्नातक और शिक्षक एमएलसी चुनाव की मतपेटिकाएं स्ट्रांग रूम में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में रखी गयी है। 27 जवानों की एक पीएसी बटालियन चार-चार घंटे की शिफ्ट में उसकी सुरक्षा में लगी है। लेकिन एमएलसी प्रत्याशियों का आरोप है कि स्ट्रांग रूम के अंदर रखी इन मतपेटिकाओं की निगरानी में लगा सीसीटीवी कैमरा बीती रात डेढ़ घंटा बंद रहा। और मंगलवार को अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान भी बंद हो गया। इसपर एमएलसी शिक्षक प्रत्याशी ऋतिका दुबे और एमएलसी स्नातक प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा ने चुनाव आयोग से दखल और शुचिता पूर्वक काउंटिंग की मांग उठाई है। पुलिस कमिश्नर कर रहे थे निरीक्षण बंद हो गया कैमरा
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल, डीआईजी शिवहरि मीणा और अपर आयुक्त अलोक वर्मा पहाड़िया मंडी निरीक्षण को पहुंचे थे। उस दौरान अचानक से सीसीटीवी कैराम बंद हो गया। जिसके बाद कार्यकार्ताओं ने हल्ला मचाया तो स्ट्रांग रूम की तरफा बढ़ रहे अधिकारियों के पैर ठिठक गए। कुछ ही मिनटों में कैमरा दोबारा चालू हो गया। वहीं इसके कुछ ही देर बाद एक बार फिर कैमरा बंद हो गया जिससे कायर्कर्ता और प्रत्याशियों में आक्रोश है। स्नातक एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने बताया की बीती रात भी कैमरा बंद हुआ था। डेढ़ घंटा बंद रहा कैमरा
समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी और निवर्तमान सपा एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने आरोप लगाते हुए बताया - कल रात को लगभग पौने दो बजे के आसपास लाइट चली गई। जो नहीं जानी चाहिए थी। यहां व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि एक सेकंड भी लाइट न जाए। जनरेटर लगाया था लेकिन जनरेटर चालू करने में 15-20 मिनट का समय लगा। और जब जनरेटर चालू हुआ तो उसके बाद सारे कैमरे बंद हो गए। और जब हमारे लोगों ने यहां पर सुरक्षाकर्मियों से बात की, तो उन लोगों ने कहा कि ज्यादा बोलोगे तो हम यहां लाठीचार्ज करके तुम लोगों को भगा देंगे। हम लोग इलेक्शन कमीशन से भी मांग करेंगे कि पारदर्शिता बनी रहे। और भारतीय जनता पार्टी से भी कहेंगे कि अगर ठीक से रहेंगे तो ठीक है, नहीं तो ईंट का जवाब पत्थर से देने का काम करेंगे। चुनाव आयोग लोकतत्र को सुरक्षित रखे
शिक्षक एमएलसी ऋतिका दुबे ने कहा - कल रात 11 बजे के बाद यहां से अपने कार्यकर्ताओं के साथ घर पहुंची थी। सुबह पता चला कि कैमरे बंद हो गए थे। आज भी हमारे सामने कैमरे बंद हो गए इसीलिए हम लोगों को अब यहां बैठना पड़ रहा है। क्योंकि कल भी हम लोगों को सूचना मिली थी कि रात में लाइट चली गई थी फिर कैमरे बंद हुए थे। तो लोकतंत्र का हनन तो नहीं होना चाहिए। अगर यह त्रुटि होती है, तो यह कहीं ना कहीं चुनाव आयोग की जिम्मेदारी बनती है कि इसको सुरक्षित रखें।
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