बेंगलुरु में बन रही ट्रेन पहली बुलेट ट्रेन का VIDEO:280kmph की रफ्तार होगी; रेत की बोरियां रखकर वजन सहने की क्षमता परखी जा रही

Nov 01, 2026 - 21:08
0
बेंगलुरु में बन रही ट्रेन पहली बुलेट ट्रेन का VIDEO:280kmph की रफ्तार होगी; रेत की बोरियां रखकर वजन सहने की क्षमता परखी जा रही
भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन बेंगलुरु में स्थित BEML प्लांट में तैयार हो रही है। इसे मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए बनाया जा रहा है। बुलेट ट्रेन की मेकिंग का वीडियो रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शेयर किया है। रेल मंत्रालय के अनुसार, ट्रेन को भारतीय परिस्थितियों के हिसाब से डिजाइन किया गया है। इसका ध्यान यात्री सुविधा, आसान पहुंच और बेहतर संचालन पर रखा गया है। बुलेट ट्रेन की खासियत… बुलेट ट्रेन से जुड़ी तस्वीरें… यात्रियों की सुविधाओं पर जोर ट्रेन के अंदर यात्रियों की सुविधा का खास ध्यान रखा गया है। सीटों का डिजाइन भारतीय लोगों के शरीर के औसत आकार को ध्यान में रखकर बनाया गया है। सीटों में पर्याप्त लेगरूम और आरामदायक बैठने की सुविधा होगी। कोच में LED लाइटिंग, ऊपर सामान रखने के रैक और बड़े बैग के लिए फर्श पर अतिरिक्त स्टैंड होंगे। लैपटॉप और मोबाइल डिवाइस के लिए पावर आउटलेट भी दिए जाएंगे। आधुनिक बायो-डाइजेस्टर टॉयलेट लगाए जाएंगे, जो गंदे पानी और अपशिष्ट को कम करने में मदद करेंगे। हर सीट वाली पंक्ति में चौड़ी खिड़कियां होंगी। इससे यात्रियों को बाहर का बेहतर दृश्य दिखाई देगा। कोचों को जोड़ने वाला सीलबंद, सिंगल-पीस गैंगवे यात्रियों को एक कोच से दूसरे कोच में जाने की सुविधा देगा। जानकारी और मनोरंजन की सुविधा ट्रेन में पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम लगाया जाएगा। कोच के अंदर लगे LCD पर अंग्रेजी, हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में यात्रा से जुड़ी जानकारी दी जाएगी। पब्लिक एड्रेस सिस्टम और ऑटोमैटिक अनाउंसमेंट के जरिए ऑडियो जानकारी भी दी जाएगी। यात्री केबिन और वेस्टिब्यूल में इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट लगाए जाएंगे। इन यूनिट के जरिए जरूरत पड़ने पर यात्री सीधे ट्रेन के कर्मचारियों से बात कर सकेंगे। Wi-Fi आधारित पैसेंजर इंफोटेनमेंट सिस्टम से यात्री सफर के दौरान पहले से लोड मनोरंजन सामग्री देख सकेंगे। दिव्यांग यात्रियों के लिए सुविधाएं ट्रेन के डिजाइन में दिव्यांगजन और कम गतिशीलता वाले यात्रियों की जरूरतों को भी शामिल किया गया है। कोच का फर्श प्लेटफॉर्म की ऊंचाई के बराबर होगा, जिससे ट्रेन में चढ़ना आसान होगा। दरवाजों में लगे रिट्रैक्टेबल फुटस्टेप ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच की क्षैतिज दूरी कम करेंगे। दिव्यांगजन और PRM यात्रियों के लिए अलग सीट और टॉयलेट की सुविधा होगी। व्हीलचेयर के अनुकूल दरवाजे और ब्रेल वाली जानकारी के संकेतक भी लगाए जाएंगे। इससे कम गतिशीलता वाले यात्रियों का सफर अधिक सुविधाजनक होगा। मौसम और शोर को ध्यान में रखकर डिजाइन हर कोच में हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग (HVAC) की दो यूनिट होंगी। यह सिस्टम अंदर का तापमान और नमी नियंत्रित करेगा। इससे अलग-अलग मौसम में यात्रियों को आरामदायक माहौल मिलेगा। सफर के दौरान शोर और कंपन कम करने के लिए भी कई उपाय किए गए हैं। ट्रेन की बॉडी और फर्श की संरचना में साउंड इंसुलेशन लगाया गया है। इसके अलावा नॉइज-डैंपिंग कोटिंग, स्कर्ट, बोगी कवर और एयरोडायनामिक फेयरिंग का इस्तेमाल होगा। इन फीचर्स का उद्देश्य बाहर का शोर कम करना और यात्रा का अनुभव बेहतर बनाना है। तकनीकी क्षमता और ऊर्जा बचत ट्रेन 25 kV, 50 Hz सिंगल-फेज AC ट्रैक्शन सिस्टम पर चलेगी। इसे हेवी कंपाउंड कैटेनरी के जरिए बिजली मिलेगी। ट्रेन में रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम होगा। ब्रेक लगाने के दौरान यह सिस्टम ऊर्जा वापस हासिल करके विद्युत प्रणाली में भेजेगा। इससे ऊर्जा दक्षता बेहतर करने में मदद मिलेगी। ट्रेन का एयरोडायनामिक डिजाइन कम्प्यूटेशनल फ्लूड डायनेमिक्स (CFD) सिमुलेशन से तैयार किया गया है। यह कंप्यूटर आधारित तकनीक है, जिसका इस्तेमाल ट्रेन के आसपास हवा के बहाव का अध्ययन करने में होता है। ट्रेन की नोज और कारबॉडी प्रोफाइल को हवा के प्रतिरोध और अशांति को कम करने के लिए बेहतर बनाया गया है। इससे सुरंग में दबाव की लहरों और सोनिक बूम के असर को भी कम करने में मदद मिलेगी। HVAC की छत वाली प्रोफाइल, रूफ पैनल और एयरफ्लो डिफ्लेक्टर को भी एयरोडायनामिक डिजाइन में शामिल किया गया है। बाहर लगाए गए खास विंड-गाइडिंग प्रोफाइल हवा के बहाव को बेहतर बनाएंगे। सीलबंद कारबॉडी दबाव के अंतर को नियंत्रित करेगी और यात्रियों का आराम बनाए रखेगी। यह सुविधा खासतौर पर तेज गति और सुरंग से गुजरने के दौरान उपयोगी होगी।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User