बीएड प्रथम वर्ष में कला और रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन:एमजेपीआरयू यूनिवर्सिटी में वॉल हैंगिंग और दूसरी सजावटी वस्तुएं भी बनाईं
महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली के शिक्षा एवं संबद्ध विज्ञान संकाय में बीएड प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने कला और नाटक विषय के तहत रचनात्मक गतिविधियों में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में रंगोली, तोरण, दीप सज्जा, वॉल हैंगिंग और हस्तनिर्मित कलाकृतियां तैयार की गईं। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय की प्रेरणा से हुए इस आयोजन का निर्देशन डॉ. कीर्ति प्रजापति ने किया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में सृजनात्मकता, कल्पनाशीलता, कलात्मक अभिव्यक्ति और मिलकर काम करने की भावना विकसित करना था। विद्यार्थियों ने व्यक्तिगत और समूह स्तर पर गतिविधियों में भाग लिया। रंगोलियों में भारतीय संस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक प्रतीकों को दिखाया गया। तोरण और दीप सज्जा के जरिए विद्यार्थियों ने पारंपरिक कला और हस्तकौशल का परिचय दिया। उन्होंने वॉल हैंगिंग और दूसरी सजावटी वस्तुएं भी बनाईं। गतिविधियों के लिए शाम 4 से 6 बजे तक का समय तय किया गया था। विद्यार्थियों ने इसी समय में अपनी कलाकृतियां तैयार कीं। शिक्षकों ने उनके कौशल, विषयवस्तु और रचनात्मक सोच की सराहना की। कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष प्रो. संतोष अरोरा और विशेष अतिथि के रूप में अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा से आए प्रोफेसर गोपाल कृष्ण ठाकुर मौजूद रहे। प्रो. संजय मिश्रा, प्रो. अमित सिंह, प्रो. विजय बहादुर यादव, डॉ. रश्मि रंजन, डॉ. प्रतिभा सागर, डॉ. तरुण कुमार, डॉ. विमल कुमार और डॉ. सुधीर कुमार वर्मा सहित अन्य शिक्षक भी उपस्थित थे। शिक्षकों ने कहा कि कला से जुड़ी गतिविधियां शिक्षक-प्रशिक्षण का हिस्सा हैं। इनके जरिए विद्यार्थियों में व्यावहारिक कौशल, आत्मविश्वास और अपनी बात कहने की क्षमता विकसित होती है।
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