ज्ञानेश कुमार पर क्यों मचा सियासी बवाल? 48 घंटे का अल्टीमेटम और कांग्रेस का प्रदर्शन
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर चुनाव आयोग में कथित मतभेद और विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस आज चुनाव आयोग के कार्यालय तक विरोध मार्च निकाल रही है। वहीं कॉकरोच जनता पार्टी ने ज्ञानेश कुमार से 48 घंटे के भीतर इस्तीफा देने की मांग की है। इस बीच महुआ मोइत्रा की शिकायत और उच्च न्यायालय में याचिका से मामला और गरमा गया है।
दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 25 सितंबर 2026
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेद और विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस आज चुनाव आयोग के कार्यालय तक विरोध मार्च निकालने की तैयारी में है। वहीं कॉकरोच जनता पार्टी ने ज्ञानेश कुमार से 48 घंटे के भीतर इस्तीफा देने की मांग की है। चुनाव आयोग ने दूसरी ओर कहा है कि उसके अंतिम निर्णय सर्वसम्मति से लिए जाते हैं।
चुनाव आयोग को लेकर क्यों बढ़ा विवाद
चुनाव आयोग को लेकर ताजा विवाद उस रिपोर्ट के बाद तेज हुआ, जिसमें दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कई फैसलों पर लिखित आपत्तियां दर्ज कराई थीं। रिपोर्ट के अनुसार, ऐसी आपत्तियों की संख्या 14 बताई गई है और इनमें मतदाता सूची, नए मतदाताओं के पंजीकरण, विशेष गहन पुनरीक्षण तथा मतदाता आंकड़ों से जुड़े विषय शामिल थे। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन दावों की अलग व्याख्या की है। आयोग का कहना है कि तीन सदस्यीय संवैधानिक संस्था में विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय, सुझाव और टिप्पणियां होना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। आयोग के अनुसार, अंतिम निर्णय कानून और निर्धारित प्रक्रिया के तहत लिए गए तथा सभी प्रमुख निर्णयों को तीनों आयुक्तों की मंजूरी प्राप्त थी।
ज्ञानेश कुमार का मेरठ कार्यक्रम स्थगित
इस बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का मेरठ में प्रस्तावित कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम स्थगित करने का फैसला 21 सितंबर को ही लिया गया था। इसलिए आयोग ने इसे मौजूदा राजनीतिक विवाद से जोड़कर देखने से इनकार किया है।
कांग्रेस आज निकालेगी विरोध मार्च
चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस ने देशभर में विरोध की तैयारी की है। समाचार के अनुसार, कांग्रेस आज चुनाव आयोग के कार्यालय तक विरोध मार्च निकालने वाली है। इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की थी। विपक्षी दलों की ओर से भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। बिहार में राष्ट्रीय जनता दल के जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन की योजना का भी उल्लेख किया गया है। वहीं विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की बात कह रहे हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी ने दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम
कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके ने 24 सितंबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए 48 घंटे का समय दिया। पार्टी ने कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर देशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। इसके साथ ही संगठन ने चुनाव आयोग से जुड़े अपने अभियान की घोषणा भी की है। पार्टी ने विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को रोकने और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर कार्रवाई की मांग भी रखी है। इन मांगों को लेकर संगठन ने आगे आंदोलन की चेतावनी दी है। यह मांगें संगठन के अपने आरोपों और राजनीतिक अभियान का हिस्सा हैं, जबकि चुनाव आयोग ने अपने फैसलों को नियमों और सर्वसम्मति से लिया गया बताया है।
महुआ मोइत्रा ने थाने में दर्ज कराई शिकायत
विवाद के बीच तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने संसद मार्ग थाने में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। इसके अलावा बंबई उच्च न्यायालय की कोल्हापुर पीठ में भी एक याचिका दाखिल किए जाने की जानकारी सामने आई है। याचिका में दावा किया गया है कि चुनाव आयुक्तों ने विभिन्न फैसलों और प्रक्रियाओं को लेकर कई बार आपत्तियां दर्ज की थीं। इनमें मतदाता पंजीकरण, मतदाताओं के नाम हटाने, मतदाता सूची के आंकड़ों और निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों की कार्यप्रणाली से जुड़े विषय शामिल बताए गए हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग
विवाद के बीच वकील ब्रजेश सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय की अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की अनुमति के लिए अटॉर्नी जनरल को पत्र लिखे जाने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद विपक्षी दलों की ओर से भी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हुई। मामले में अलग-अलग राजनीतिक दल और संगठन अपने-अपने आरोप और मांगें सामने रख रहे हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग का कहना है कि उसके निर्णय निर्धारित संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार लिए गए हैं। इसलिए इस पूरे विवाद में राजनीतिक दलों के आरोपों और आयोग के आधिकारिक पक्ष को अलग-अलग समझना जरूरी है।
बीजेपी ने क्या कहा
विपक्ष के आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी ने पलटवार किया है। पार्टी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि निर्वाचन आयोग में सभी निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए हैं और ऐसा कोई प्रमाण नहीं है कि फैसले बहुमत के आधार पर लिए गए हों। भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में खारिज किया है। इस तरह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विवाद में एक तरफ विपक्षी दलों और विभिन्न संगठनों की ओर से इस्तीफे, जांच और कार्रवाई की मांग उठ रही है। दूसरी तरफ चुनाव आयोग अपने निर्णयों को सर्वसम्मति से लिया गया बता रहा है और भाजपा भी विपक्ष के आरोपों को खारिज कर रही है।
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