घरेलू हिंसा-दहेज उत्पीड़न की 44 शिकायतें पहुंचीं महिला आयोग:जनसुनवाई में पुलिस को फोन कर दिए कार्रवाई के निर्देश, एक सप्ताह में मांगी रिपोर्ट

Oct 30, 2026 - 22:03
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घरेलू हिंसा-दहेज उत्पीड़न की 44 शिकायतें पहुंचीं महिला आयोग:जनसुनवाई में पुलिस को फोन कर दिए कार्रवाई के निर्देश, एक सप्ताह में मांगी रिपोर्ट
घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न से जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई में देरी न हो, इसके लिए राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने पुलिस अधिकारियों को पीड़ित महिलाओं की शिकायतें संवेदनशीलता से सुनने और समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। शुक्रवार को नवीन सर्किट हाउस में हुई महिला जनसुनवाई में कुल 44 शिकायतें पहुंचीं। इनमें ज्यादातर मामले घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, गुजारा भत्ता और पेंशन से जुड़े थे। अध्यक्ष ने कई मामलों में संबंधित थानाध्यक्षों से फोन पर बात कर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान अध्यक्ष ने पिछली जनसुनवाई में आई शिकायतों की कार्रवाई रिपोर्ट भी मांगी। लंबित मामलों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कर एक सप्ताह के भीतर आयोग को अनुपालन रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिला आयोग में आने वाले प्रत्येक प्रार्थना पत्र का शत-प्रतिशत निस्तारण सुनिश्चित कराया जाएगा। महिलाओं में अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ रही है, इसलिए वे अपनी समस्याएं लेकर आयोग और पुलिस तक पहुंच रही हैं। बेटियों को प्रताड़ना के बाद दोबारा ससुराल न भेजें पत्रकार वार्ता में अध्यक्ष ने घरेलू हिंसा के मामलों पर चिंता जताई। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बेटियों की सुरक्षा और भावनाओं को प्राथमिकता दें। प्रताड़ना होने पर सामाजिक दबाव में उन्हें दोबारा ससुराल भेजने से बचें। गलत रिश्ते की सजा किसी बेटी को पूरी जिंदगी नहीं भुगतनी चाहिए। उन्होंने विवाह से पहले युवक-युवतियों और उनके अभिभावकों की काउंसलिंग पर भी जोर दिया। कहा कि आपसी समझ, संवाद और पारिवारिक सामंजस्य से कई समस्याओं को रोका जा सकता है। महिलाओं को स्वरोजगार प्रशिक्षण से जोड़ने के निर्देश समीक्षा बैठक में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की योजनाओं की भी जानकारी ली गई। अध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का प्रभावी प्रचार-प्रसार किया जाए और अधिक से अधिक महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा और घरेलू हिंसा की रोकथाम के लिए पुलिस, समाज और अभिभावकों को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होगी। थानों में पीड़ित महिलाओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार और समय पर कार्रवाई जरूरी है। इस दौरान एसडीएम नरेंद्र गंगवार, एसीपी सुनीता चौहान, डिप्टी सीएमओ डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति, जिला कौशल प्रबंधक अमित धाकरे, सहायक श्रमायुक्त शगुन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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