स्टेशन पर गोली चलाने के मामले में जीआरपी पर सवाल:कुशीनगर में रेलवे स्टेशन पर युवक को गोली मारी, CCTV बंद मिले
तमकुहीरोड रेलवे स्टेशन पर सोमवार रात करीब 10:30 बजे हुई वारदात ने यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। तरयासुजान थाना क्षेत्र के कछवा जगदीशपुर निवासी राजन शर्मा (26) को प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर दाहिनी जांघ में गोली लगी। हमलावरों से बचने के लिए वह गोमतीनगर एक्सप्रेस के शौचालय में छिप गया। ट्रेन के दुदही स्टेशन पहुंचने पर उसे बाहर निकालकर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। घटना के बाद सामने आया कि स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरे लंबे समय से बंद बताए जा रहे हैं। वहीं, जीआरपी के 24 घंटे सिपाही तैनात रहने के दावे के बावजूद वारदात के समय स्टेशन पर कोई जवान मौजूद नहीं होने की बात कही जा रही है। परिजनों ने कार्रवाई में देरी का आरोप लगाया है। बाद में राजन के पिता की तहरीर पर 10 लोगों के खिलाफ हत्या की कोशिश का मुकदमा दर्ज किया गया। जीआरपी के मुताबिक कप्तानगंज, लक्ष्मीगंज, रामकोला, पडरौना, कटुकुइयां, दुदही, तमकुहीरोड, तरयासुजान और तिनफेड़िया स्टेशनों पर 24 घंटे सिपाहियों की ड्यूटी लगती है। इसके बावजूद 19 अक्टूबर की रात तमकुहीरोड स्टेशन पर कोई जीआरपी जवान तैनात नहीं होने की बात सामने आई है। ऐसे में सवाल है कि रात के समय यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसके पास थी? क्या ड्यूटी चार्ट के मुताबिक जवान तैनात थे या सुरक्षा व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित थी? घटना के वक्त ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। कैमरे बंद, निगरानी व्यवस्था पर सवाल स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरे लंबे समय से बंद बताए जा रहे हैं। कैमरे चालू होते तो प्लेटफॉर्म पर हुई घटना और आरोपियों की गतिविधियों से जुड़े अहम सुराग मिल सकते थे। अब यह सवाल भी उठ रहा है कि कैमरे लगाए जाने के बावजूद उनका हैंडओवर और संचालन क्यों नहीं हो सका। यात्रियों की निगरानी और सुरक्षा के लिए लगाए गए कैमरे आखिर कब से बंद हैं और उन्हें चालू कराने की जिम्मेदारी किसकी थी, इसकी स्थिति भी स्पष्ट नहीं है। कैमरों के काम नहीं करने से जांच में भी परेशानी आ सकती है।
मुकदमा दर्ज कराने में देरी का परिजनों ने लगाया आरोप परिजनों के मुताबिक, गोली लगने के बाद राजन का बयान बाहर ही लेने और सेवरही थाने में प्राथमिक रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कहा गया था। उनका आरोप है कि मंगलवार शाम तक जीआरपी की ओर से कार्रवाई में टालमटोल होती रही। बाद में मामला जीआरपी के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा। इसके बाद जीआरपी एसपी के निर्देश पर राजन के पिता की तहरीर के आधार पर 10 लोगों के खिलाफ हत्या की कोशिश का मुकदमा दर्ज किया गया। बुधवार शाम जीआरपी गोरखपुर के थानाध्यक्ष पडरौना चौकी पहुंचे। पुलिस के अनुसार, मामले में एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुरानी रंजिश के एंगल से भी जांच घटना के पीछे पुरानी रंजिश की बात सामने आ रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी पहले से स्टेशन पर राजन का इंतजार कर रहे थे या वहां अचानक विवाद के बाद उस पर हमला किया गया। फिलहाल इस संबंध में जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस आरोपियों से जुड़े तथ्यों और घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही है। साथ ही, स्टेशन पर सुरक्षा ड्यूटी और सीसीटीवी व्यवस्था को लेकर उठे सवालों का जवाब भी जरूरी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वारदात के समय सुरक्षा में चूक कैसे हुई।
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