गोरखपुर चिड़ियाघर में जिराफ, चिंपैंजी और हुक्कू बंदर भी दिखेंगे:नए बाड़ों के लिए मास्टर लेआउट बदलेगा, 4 नए सेल बनेंगे, बजट मंजूर

Nov 02, 2026 - 22:23
0
गोरखपुर चिड़ियाघर में जिराफ, चिंपैंजी और हुक्कू बंदर भी दिखेंगे:नए बाड़ों के लिए मास्टर लेआउट बदलेगा, 4 नए सेल बनेंगे, बजट मंजूर
गोरखपुर चिड़ियाघर में जल्द ही दर्शकों को जिराफ, चिंपैंजी और हुक्कू बंदर देखने का मौका मिल सकता है। इनके लिए नए बाड़े बनाए जाएंगे। इसके लिए चिड़ियाघर के मास्टर लेआउट में बदलाव किया जाएगा। रेस्क्यू करके लाए जाने वाले वन्यजीवों को रखने के लिए अस्पताल परिसर में चार नए सेल भी बनाए जाएंगे। इसके अलावा लायन के बाड़े में क्राल और दरियाई घोड़े के लिए नया तालाब तैयार किया जाएगा। सोमवार को प्राणि उद्यान सोसाइटी की बैठक में इन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में वन्यजीवों की सुरक्षा, दर्शकों की सुविधाओं और चिड़ियाघर के विकास से जुड़े कई फैसले लिए गए। जिराफ, चिंपैंजी और हुक्कू बंदर के लिए नए बाड़े चिड़ियाघर में वन्यजीवों की प्रजातियों की संख्या बढ़ाने की तैयारी है। इसके तहत जिराफ, चिंपैंजी और हुक्कू बंदर के लिए नए बाड़े बनाए जाएंगे। इनके निर्माण के लिए मौजूदा मास्टर लेआउट में बदलाव किया जाएगा। बैठक में बाड़ों के निर्माण के प्रस्ताव पर सहमति बनी। इन प्रजातियों के आने से चिड़ियाघर में दर्शकों को नए वन्यजीव देखने को मिलेंगे। रेस्क्यू वन्यजीवों के लिए बनेंगे चार सेल रेस्क्यू करके लाए जाने वाले वन्यजीवों को सुरक्षित रखने के लिए अस्पताल परिसर में चार नए सेल बनाए जाएंगे। इससे रेस्क्यू के बाद वन्यजीवों को रखने और उनकी देखभाल करने में सुविधा होगी। इसके अलावा लायन के बाड़े में क्राल बनाया जाएगा। यह एक सुरक्षित स्थान होता है, जहां जरूरत पड़ने पर वन्यजीव को कुछ समय के लिए रखा जा सकता है। दरियाई घोड़े के लिए नया तालाब बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। बर्ड फ्लू से बचाव के लिए मजबूत होगी निगरानी बैठक में वन्यजीवों को बीमारियों से बचाने और उनकी बेहतर देखभाल पर भी चर्चा हुई। बर्ड फ्लू जैसी संक्रामक बीमारियों से निपटने के लिए बाड़ों में जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे। वन्यजीवों की निगरानी व्यवस्था भी मजबूत होगी। चिड़ियाघर में तैनात कीपर और स्वीपर को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्हें वन्यजीवों की देखभाल, साफ-सफाई और संक्रमण से बचाव के तरीके बताए जाएंगे। चिड़ियाघर में दिखेगा 102 साल पुराना रेल इंजन वन्यजीवों के साथ ऐतिहासिक रेल इंजन भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बनेगा। सोहगीबरवा वन प्रभाग के लक्ष्मीपुर में मौजूद 102 साल पुराने रेल इंजन को चिड़ियाघर लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसे प्राणि उद्यान परिसर में प्रदर्शित किया जाएगा। इससे दर्शकों को वन्यजीवों के साथ इतिहास से जुड़ी धरोहर देखने का भी मौका मिलेगा। 6.22 करोड़ रुपये का बजट मंजूर प्राणि उद्यान सोसाइटी की बैठक में वित्तीय वर्ष के लिए 6.22 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया। इस रकम से वन्यजीवों के भोजन, कर्मचारियों के वेतन और चिड़ियाघर के विकास व निर्माण कार्यों पर खर्च किया जाएगा। नए बाड़ों के निर्माण और वन्यजीवों की देखभाल से जुड़ी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया। कैंटीन शुरू करने और गोल्फ कार्ट चलाने का सुझाव बैठक में शासन की ओर से विशेष आमंत्रित सदस्य अरविंद विक्रम चौधरी ने दर्शकों की सुविधाएं बढ़ाने के लिए कई सुझाव दिए। उन्होंने लंबे समय से बंद कैंटीन को जल्द शुरू कराने और परिसर में गोल्फ कार्ट चलाने की व्यवस्था करने पर जोर दिया। इससे दर्शकों को चिड़ियाघर घूमने में सहूलियत होगी। दर्शकों को निशुल्क पेयजल उपलब्ध कराने का सुझाव भी दिया गया। बच्चों को वन्यजीवों के बारे में रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी देने के लिए साइनबोर्ड लगाने और आकर्षक गतिविधियां शुरू करने की बात कही गई। वन्यजीवों के रेस्क्यू के लिए नई रेस्क्यू वैन खरीदने का प्रस्ताव भी रखा गया। प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक प्राणि उद्यान सोसाइटी की बैठक प्रमुख सचिव वन एवं पर्यावरण महेंद्र प्रसाद अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई। इसमें प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव अनुराधा बेमुरी, वन निगम के एमडी एपी सिंह, मुख्य वन संरक्षक डॉ. बीसी ब्रह्मा, चिड़ियाघर के निदेशक सूरज कुमार, डीएफओ शुभम सिंह और उपनिदेशक डॉ. योगेश प्रताप सिंह मौजूद रहे। ऑनलाइन माध्यम से प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुनील चौधरी, वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, देहरादून के डॉ. पराग निगम और आईवीआरआई, बरेली के डॉ. एम. पावड़े भी बैठक में शामिल हुए।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User