इटावा में रामलीला के समापन में बेकाबू हुई भीड़:कलाकारों को देखने उमड़े लोग, मची अफरा-तफरी; टूटे कुर्सियां-सोफे
इटावा जिले के जसवंतनगर में 167 साल पुरानी प्रसिद्ध मैदानी रामलीला के समापन समारोह के दौरान अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पूरे एक महीने तक चले इस ऐतिहासिक रामलीला महोत्सव के आखिरी दिन को खास और यादगार बनाने के लिए एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में मशहूर कलाकार शुभी शर्मा, शैजी रॉक और शालिनी ठाकुर की प्रस्तुतियां देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। तस्वीरें देखिए - भगदड़ जैसी बनी स्थिति, कुर्सियां और सोफे टूटे कलाकारों की एक झलक पाने और प्रस्तुति देखने के लिए लोग स्टेज की तरफ बढ़ने लगे, जिससे अचानक भीड़ बेकाबू हो गई। देखते ही देखते कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। इस धक्का-मुक्की और भीड़ के दबाव के कारण मैदान में लगे सोफे और कुर्सियां तक टूट गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि समय रहते स्थिति को संभाल लिया गया और हादसे में कोई भी घायल नहीं हुआ। कवि सम्मेलन के बाद हुआ था आयोजन इससे पहले महोत्सव के तहत अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया गया था। इसमें डॉ. विष्णु सक्सेना, कुमार मनोज, प्रीति पांडे और हिमांशी बाबरा जैसे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवियों ने अपनी रचनाओं से समां बांधा था। इसके बाद आयोजित सांस्कृतिक संध्या में उम्मीद से ज्यादा भीड़ पहुंच गई। पुलिस और कमेटी की मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा हंगामा और भीड़ बेकाबू होते ही पुलिस बल और रामलीला कमेटी के कार्यकर्ता तुरंत एक्शन में आए। पुलिस और आयोजकों की कड़ी मशक्कत के बाद भीड़ को शांत कराया गया और स्थिति पर काबू पाया गया। कार्यक्रम का सफल संयोजन रामलीला कमेटी के प्रबंधक राजीव गुप्ता, उप प्रबंधक ठाकुर अजेंद्र सिंह गौर, राजेंद्र गुप्ता मिंकी, रतन भाई, प्रभाकर दुबे व्यास जी और शुभ गुप्ता समेत अन्य सदस्यों की देखरेख में पूरा कराया गया।
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