कैलाशपुरी में अवैध निर्माण पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप:MDA की कंपाउंडिंग पर उठे सवाल, आठ महीने बाद खुली बिल्डिंग की सील

Nov 02, 2026 - 19:24
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कैलाशपुरी में अवैध निर्माण पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप:MDA की कंपाउंडिंग पर उठे सवाल, आठ महीने बाद खुली बिल्डिंग की सील
मेरठ के कैलाशपुरी में कथित अवैध निर्माण को लेकर मेरठ विकास प्राधिकरण (MDA) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। भवन संख्या-70, गली नंबर-3 में स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण किए जाने का आरोप लगाते हुए स्थानीय निवासियों ने अब सतर्कता विभाग और भ्रष्टाचार निवारण संगठन से शिकायत की है। शिकायत में निर्माण के खिलाफ बार-बार शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने और कथित रूप से कंपाउंडिंग का लाभ दिए जाने के मामले में अधिकारियों की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। स्थानीय निवासी विनायक त्यागी, डॉ. गौरव दत्ता सहित अन्य लोगों का आरोप है कि उन्होंने भवन में हो रहे निर्माण के खिलाफ MDA के अधिकारियों से कई बार शिकायत की थी। शिकायत के बाद भवन को सील किया गया था, लेकिन करीब आठ महीने बाद सील खोल दी गई। इसके बाद निर्माण कार्य दोबारा शुरू हो गया। निवासियों का कहना है कि पहले की गई कार्रवाई स्थायी नहीं रही और निर्माण लगातार जारी है। 3 यूनिट के नक्शे पर 6 यूनिट बनाने का आरोप शिकायत के अनुसार, भवन का स्वीकृत मानचित्र में तीन यूनिट और करीब 154 वर्गमीटर कवर्ड एरिया दर्शाया गया है। साथ ही तीन मीटर फ्रंट सेटबैक, छह मीटर रियर सेटबैक और करीब सात फीट स्टिल्ट हाइट निर्धारित होने का दावा किया गया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि मौके पर छह यूनिट बनाई जा रही हैं। निर्माण का कवर्ड एरिया करीब 250 वर्गमीटर है। इसके अलावा निर्धारित सेटबैक नहीं छोड़े गए हैं और स्टिल्ट की ऊंचाई करीब 11 फीट है। ऐसे में स्वीकृत नक्शे और मौके पर हुए निर्माण का मिलान कराकर कार्रवाई की मांग की गई है। कंपाउंडिंग के आधार पर भी उठाए सवाल निवासियों ने शिकायत में सवाल उठाया है कि जब निर्माण स्वीकृत मानचित्र के विपरीत है तो उसे कंपाउंडिंग या नियमितीकरण का लाभ किस आधार पर दिया गया। उनका कहना है कि यदि निर्माण में निर्धारित सेटबैक नहीं छोड़ा गया है तो इसकी कंपाउंडिंग की वैधता की जांच होनी चाहिए। शिकायतकर्ताओं ने MDA की पूरी पत्रावली, कंपाउंडिंग फाइल, निरीक्षण रिपोर्ट और नोटशीट की जांच कराने की मांग की है। साथ ही यह पता लगाने का अनुरोध किया है कि पूर्व शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने जांच के दौरान मूल अभिलेख सुरक्षित रखने और ऐसे अधिकारी या इकाई से जांच कराने की मांग की है, जिसका प्रकरण से पहले कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं रहा हो। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि MDA ने निर्माण के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।

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