जियाउर्रहमान बर्क बोले- भाजपा का अहंकार उसे ले डूबेगा:संभल में कहा- भारतीय प्रदर्शनों को फ्रांस की हिंसा से जोड़ना नाइंसाफी
संभल के सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने भाजपा एमएलसी सुभाष यदुवंशी के बयान ‘वोट देगा अहीर, लैपटॉप लेगा जहीर’ पर पलटवार किया है। बुधवार दोपहर करीब 4 बजे नखासा थाना क्षेत्र के दीपा सराय स्थित अपने आवास बर्क मंजिल पर उन्होंने कहा कि भाजपा के पास अब कोई दूसरा मुद्दा नहीं है। उन्होंने इस बयान को अहंकार की राजनीति बताते हुए कहा कि यही अहंकार भाजपा को ले डूबेगा।
‘भाजपा बताए, सरकार में क्या काम किया’
सांसद बर्क ने भाजपा से सवाल किया कि उसने अपनी सरकार में क्या काम किया है। उन्होंने पूछा कि भाजपा ने कितने लैपटॉप बांटे, कितने विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी, कितने स्कूल खोले या बंद किए और कितने अस्पताल व मेडिकल कॉलेज बनाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के शासन में लोगों का रोजगार छीना गया और स्कूल बंद हुए हैं। इससे बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने अस्पतालों में डॉक्टरों और दवाइयों की कमी का मुद्दा भी उठाया। बर्क के मुताबिक, भाजपा इन मुद्दों पर जवाब देने के बजाय लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
‘सरकार की गलत नीतियों पर सवाल उठाना हमारा अधिकार’
विपक्ष पर अराजकता फैलाकर सत्ता बदलने के आरोपों पर बर्क ने कहा कि भाजपा की नजर में जो उसके खिलाफ बोलता है, उसे देशद्रोही बता दिया जाता है। उन्होंने कहा कि भाजपा चाहती है कि देश का हमदर्द वही हो, जो उसकी तारीफ करे। बर्क ने कहा कि अगर सरकार देश की भलाई के नाम पर गलत काम करती है, तो उस पर सवाल उठाना विपक्ष का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों के अधिकारों का हनन, बुलडोजर से अन्याय और वोट काटकर नाइंसाफी की जाएगी, तो विपक्ष चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने कहा कि जनता ने उन्हें विधानसभा और लोकसभा में अपने मुद्दे उठाने की जिम्मेदारी दी है। इसलिए जनहित के सवालों को सड़क से लेकर सदन तक उठाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर कानूनी लड़ाई भी लड़ी जाएगी।
फ्रांस की हिंसा से भारतीय प्रदर्शनों की तुलना पर सवाल
सांसद बर्क ने भारत में हो रहे धरने-प्रदर्शनों की तुलना फ्रांस में हुई हिंसा से किए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि फ्रांस में लूटपाट और आगजनी की घटनाएं हुई थीं, जबकि भारत में पिछले डेढ़ से दो महीने से चल रहे धरने-प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि भारत में इन प्रदर्शनों के दौरान कहीं भी लूटपाट, आगजनी या गोलीबारी नहीं हुई और कानून-व्यवस्था में बाधा नहीं पहुंची। बर्क ने आरोप लगाया कि भारतीय प्रदर्शनों की तुलना फ्रांस की हिंसा से करके लोगों का नजरिया बदलने की कोशिश की जा रही है।
‘जनता मुद्दों से नहीं भटकेगी’
बर्क ने भाजपा पर प्रदर्शनों को गलत मकसद से जोड़ने और इस तरह की तुलना को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जनता सांसदों और विधायकों के साथ मैदान में उतरी, लेकिन प्रदर्शन उग्र नहीं हुए। सपा सांसद ने विश्वास जताया कि जनता ऐसे आरोपों और बहकावे में नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि विपक्ष जनता के अधिकारों और जनहित के मुद्दों को उठाता रहेगा।
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