कानपुर देहात के 5368 शिक्षकों के अभिलेखों की होगी जांच:फर्जी डिग्री और आरक्षण प्रमाणपत्रों के इस्तेमाल की भी पड़ताल, एक सप्ताह में रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश
कानपुर देहात के 1922 परिषदीय विद्यालयों में तैनात सभी 5368 शिक्षकों के शैक्षिक और नियुक्ति संबंधी अभिलेखों की जांच होगी। हाईकोर्ट में रिट याचिका की सुनवाई के दौरान दिए गए आदेश के क्रम में शिक्षा निदेशालय ने एक सप्ताह के भीतर सभी दस्तावेज जुटाकर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। यह रिपोर्ट एसटीएफ को भेजी जाएगी। नियुक्ति से जुड़े सभी प्रमाणपत्र मांगे शिक्षा निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी ने बीएसए आशीष कुमार पाण्डेय को पत्र भेजकर अभिलेख जुटाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद विभाग में दस्तावेज एकत्र करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। जिले के सभी दस विकासखंडों में तैनात शिक्षकों को नियुक्ति पत्र के साथ हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक, बीएड, बीटीसी, डीएलएड, टीईटी और सीटेट के प्रमाणपत्र जमा करने होंगे। नियुक्ति के समय लगाए गए आरक्षण और अन्य प्रमाणपत्रों की प्रतियां भी दो सेट में मांगी गई हैं। खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से दस्तावेज बीएसए कार्यालय पहुंचेंगे। यहां निर्धारित प्रारूप और विशेष एक्सेल शीट में शिक्षकों का पूरा ब्योरा तैयार किया जाएगा। इसके बाद रिपोर्ट एसटीएफ को भेजी जाएगी। बीएसए आशीष कुमार पाण्डेय के मुताबिक, शासन के निर्देश पर सभी शिक्षकों के अभिलेख संकलित किए जा रहे हैं। दिव्यांगता और जाति प्रमाणपत्रों के इस्तेमाल की भी पड़ताल जांच का दायरा सिर्फ शैक्षिक डिग्रियों तक सीमित नहीं रहेगा। नियुक्तियों में फर्जी दिव्यांगता प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्रों के कथित दुरुपयोग के आरोपों की भी पड़ताल होगी। शैक्षिक प्रमाणपत्रों में नामों की भिन्नता, कला वर्ग से स्नातक होने के बावजूद विज्ञान वर्ग की रिक्तियों में नियुक्ति और टीईटी व बीएड की डिग्रियों की प्रामाणिकता भी जांच के दायरे में रहेगी। पुरानी मैनुअल भर्तियों में अंकपत्रों से छेड़छाड़ के आरोपों की भी जांच की जाएगी। 100 रुपए के शपथपत्र पर देना होगा पारिवारिक संबंधों का ब्योरा हर शिक्षक को 100 रुपए के नोटरी सत्यापित शपथपत्र पर यह जानकारी भी देनी होगी कि बेसिक शिक्षा अधिकारी या उससे उच्च पद पर शिक्षा विभाग में उसका कोई निकट संबंधी कार्यरत है या सेवानिवृत्त हो चुका है। इस तरह नियुक्ति से लेकर पारिवारिक संबंधों तक का ब्योरा जुटाया जाएगा। फिलहाल शिक्षा विभाग के सामने एक सप्ताह में सभी 5368 शिक्षकों के अभिलेख जुटाकर रिपोर्ट तैयार करने की चुनौती है। इसके बाद एसटीएफ की जांच में नियुक्तियों से जुड़ी संभावित अनियमितताओं की स्थिति स्पष्ट होगी।
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