कारोबारी बोले- 150 करोड़ की प्रॉपर्टी 6 करोड़ में हड़पी:बिल्डर ने कानपुर में 2 साल बंधक रखा, 2 बार ड्रग्स देते; मां से मिलने तक नहीं दिया

Oct 29, 2026 - 06:06
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कारोबारी बोले- 150 करोड़ की प्रॉपर्टी 6 करोड़ में हड़पी:बिल्डर ने कानपुर में 2 साल बंधक रखा, 2 बार ड्रग्स देते; मां से मिलने तक नहीं दिया
कानपुर के करोड़पति कारोबारी प्रणवपत सिंघानिया को दो साल तक ड्रग्स के नशे में बंधक बनाकर रखा। बिल्डर ने 150 करोड़ रुपए की संपत्ति महज 6 करोड़ में अपने नाम करा ली। प्रणवपत सिंघानिया ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा- मुझे 24 घंटे में दो बार ड्रग्स दिया जाता था। नशे में होने के बाद जबरन प्रॉपर्टी के कागजों पर साइन कराया जाता था। साइन करने से मना करने पर मुझे ड्रग्स नहीं दिया जाता, जिस पर मैं तड़पता था। मानसिक संतुलन पूरी तरह से बिगड़ जाता था। बिल्डर लोग मुझे होटल के कमरे से उतरने नहीं देते थे, कहते थे- तुम्हारे घरवाले तुम्हें मार डालेंगे। मेरी मां अंबिका बहेल सिंहानिया मुझसे मिलने होटल पहुंची तो उन्हें मुझसे मिलने नहीं दिया गया। पढ़िए कारोबारी के साथ और क्या हुआ… 2 साल तक अलग-अलग होटलों में बंधक बनाकर रखा राधाकुंज निवासी कारोबारी प्रवणपत सिंघानिया ने बताया- 2 साल तक बंधक बनाकर ड्रग्स के नशे में अरबों की संपत्ति हड़पने वाले बिल्डर सुयश अस्थाना, रमित मिश्रा और बृजेंद्र नाथ मिश्रा के मंगलवार को जेल जाने के बाद मैं पुलिस कमिश्नर से मिला। सुयश से 2020 में मेरी दोस्ती हुई थी। मेरा कोर्ट में पारिवारिक मैटर चल रहा था। हम लोगों का साथ उठना-बैठना शुरू हुआ। फिर सुयश मेरे जमीन, शेयर में इंटरेस्ट लेने लग गया। इसके बाद वर्ष 2024 में सुयश ने मुझे जल संस्थान के पास मिलने के लिए बुलाया। कुछ देर बाद वहां 10 से 15 लोग आ गए और मुझे डराने धमकाने लगे कि तुम्हें मार डालेंगे। मैं डर की वजह से कुछ बोला नहीं। इसके बाद सुयश, अनूप, बृजेंद्र और रमित मुझे गाड़ी में बिठाकर अपने ऑफिस ले गए। गाड़ी में बात करते-करते इन लोगों ने मुझे इंजेक्शन दिया। इसके बाद मुझे स्वरूप नगर स्थित रॉयल क्लिफ होटल ले गए। यहां एक-दो महीने रखने के बाद उन्होंने मुझे रिजेंटा होटल में शिफ्ट कर दिया था। रिजेंटा में काफी समय इन लोगों ने मुझे बंधक बनाकर रखा। होटल में 6 फ्लोर हैं, जिनके 3 से 4 फ्लोर में आरोपी कुछ-कुछ दिनों में मेरा कमरा बदलते रहते थे। मुझे किसी से मिलने नहीं देते थे। कहते थे कि तुम्हारी जान को खतरा है। तुम्हारे परिवार के लोग ही तुमको मरवा देंगे। होटल में एक आदमी ड्रग्स देकर जाता था आप जब कमरे में रहते थे, तो आपके पास ड्रग्स कैसे आते थे? इस सवाल पर प्रणवपत सिंघानिया ने कहा कि सुयश, अनूप, बृजेंद्र और रमित ही मेरे लिए ड्रग्स लेकर आते थे और मुझे इंजेक्शन लगाते थे। दिन में दो बार मुझे ड्रग्स के इंजेक्शन दिए जाते थे। फिर जब मुझे ड्रग्स की तड़प होती थी तो कहते थे कि पहले जायदाद के अलग-अलग पेपर पर साइन करो। पेपर पर साइन करने से मना करने पर सुयश मुझे ड्रग्स नहीं देता था, जिससे मेरे पूरे शरीर में दर्द होता था। मानसिक संतुलन स्थिर नहीं रहता था। बहुत ज्यादा ड्रग्स की तड़प होती थी। फिर मैं सुयश को फोन कर कहता था कि ये क्या कर रहे हो? बहुत दिक्कत हो रही, मुझे लग नहीं रहा कि मैं अब बचूंगा। जिस पर कोई आदमी बाहर से आता था। मुझे चुपचाप ड्रग्स पकड़ा कर जाता था। फिर मुझे नॉर्मल होने के लिए ड्रग्स लेना पड़ता था। ड्रग्स देकर रजिस्ट्रार ऑफिस ले गए प्रणवपत सिंहानिया ने बताया कि कोपरगंज में मेरी 100 करोड़ की संपत्ति है, जिसका एक तिहाई हिस्सा मेरे पास है। मेरे नशे में होने के बाद अनूप, सुयश कार में बैठा कर कोपरगंज की संपत्ति एग्रीमेंट कराने के लिए रजिस्ट्रार ऑफिस ले गए थे। वहां उन्होंने एग्रीमेंट टू सेल के कागजात पर हस्ताक्षर कराए। फिर सेल डीड कराने के लिए सुयश और अनूप ने रजिस्ट्रार को अपने स्वरूप नगर स्थित ऑफिस बुलाया था। दो साल तक आरोपियों ने मुझे बंधक बनाकर रखा, फिर 2 से 3 महीने पहले मुझे छोड़ा। कोपरगंज का एग्रीमेंट मैंने सुयश और उसके पिता अनूप के नाम पर किया। राधाकुंज स्थित मेरे तीन हजार वर्गगज के मकान के रजिस्ट्री मैने पूर्णिमा दीक्षित के नाम पर की है। कोपरगंज वाली संपत्ति का एग्रीमेंट कराने के बाद सुयश ने मुझे कैश पैसा दिया था। वो भी लीगल खर्च बताकर मुझसे वापस ले लिया गया। राधा कुंज की संपत्ति का आरोपियों ने 7 से 8 करोड़ में सौदा किया, लेकिन बतौर एडवांस रमित ने मुझे 2.50 करोड़ रुपए दिए थे। जिसे सुयश और अनूप ने अपने खाते में मुझसे वापस ले लिया। मैंने इनसे मना किया था, कि मैं अपना घर नहीं बेचूंगा, चाहे मुझे मार डालो। फिर वह बोले कि हम घर बेच नहीं रहे हैं, सिर्फ गिरवी रख रहे हैं। अब जानिए पूरा मामला क्या था फजलगंज के राधाकुंज निवासी कारोबारी प्रवणपत सिंघानिया का 2020 से पारिवारिक संपत्ति का विवाद चल रहा था। उसी साल स्वरूप नगर निवासी सुयश अस्थाना से उनकी दोस्ती हुई थी। सुयश ने प्रणवपत को ड्रग्स का नशा कराकर संपत्तियों की जानकारी ले ली। मई 2024 में एक रात सुयश उन्हें जलकल कार्यालय के सामने बुलाया। कुछ देर में एक कार आई, जिसमें अनूप अस्थाना, मेडिकल स्टोर संचालक श्रीराम उर्फ रमित मिश्रा बैठे थे। आरोपी उन्हें कार में बिठाकर कर ले स्वरूप नगर स्थित ऑफिस ले गए, जहां बृजेंद्र नाथ मिश्रा उर्फ बेबी बिल्डर ने पीटा। पीड़ित के मुताबिक, उसे दो साल तक नशे के इंजेक्शन राधाकुंज स्थित 17 हजार वर्गगज में एक चौथाई हिस्से की करीब 40 करोड़ की संपत्ति महज 6 करोड़ में नाम करा ली। उनके खाते में ढाई करोड़ रुपए ट्रांसफर किए, इसके बाद सुयश ने अपने खाते में 1.98 करोड़ रुपए लिए, बाकी रुपए अनूप के खाते में ट्रांसफर करा लिए। इसी बीच होटल रिजेंटा के नाम पर पांच लाख रुपए उसी खाते में ट्रांसफर किए गए थे। इसके बाद कोपरगंज स्थित 100 करोड़ की संपत्ति तीन लाख रुपए में लिखा ली थी।

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