नोएडा के सेक्टर-105 में बनेगा ऑटो शोरूम मार्केट:बोर्ड ने दी मंजूरी, 12,596 वर्गमीटर जमीन पर बनेगा इंटीग्रेटेड ऑटोमोबाइल कॉम्प्लेक्स
नोएडा के सेक्टर-105 में ऑटो शोरूम मार्केट विकसित करने का रास्ता साफ हो गया है। नोएडा प्राधिकरण बोर्ड ने इसके लिए 12,596.64 वर्गमीटर वाणिज्यिक जमीन पर इंटीग्रेटेड ऑटोमोबाइल कॉम्प्लेक्स विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत पूरी जमीन एक ही भूखंड के रूप में एक लीजधारक को आवंटित की जाएगी। इसके लिए ई-बिडिंग के माध्यम से निवेशक का चयन किया जाएगा। यहां अलग-अलग वाहन कंपनियों के शोरूम के साथ पार्किंग और अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित की जा सकेंगी।
सेक्टर-105 में ऑटो शोरूम के लिए भूखंड नियोजित करने का प्रस्ताव प्राधिकरण की 3 अक्टूबर 2025 को हुई 219वीं बोर्ड बैठक में रखा गया था। उस समय बोर्ड ने प्रस्तावित कंट्रोल ड्राइंग का विस्तृत प्रस्तुतीकरण करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने 10 अगस्त 2026 को योजना तैयार करने के लिए समिति गठित की। समिति ने योजना लाने से पहले संभावित निवेशकों से सुझाव और आपत्तियां मांगी थीं। इसके लिए 25 अगस्त से 18 सितंबर 2026 तक ईओआई (एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट) जारी की गई थी। निवेशकों से मिले सुझावों के आधार पर योजना की शर्तें तैयार की गईं, जिन्हें अब बोर्ड की मंजूरी मिल गई है।
एक ही भूखंड पर बनेगा पूरा कॉम्प्लेक्स
योजना के तहत 12,596.64 वर्गमीटर की पूरी जमीन एक भूखंड के रूप में रखी जाएगी। इसका आवंटन एक ही बोली के माध्यम से एक लीजधारक को किया जाएगा। वही पूरे कॉम्प्लेक्स की योजना, डिजाइन, निर्माण, संचालन और रखरखाव के लिए जिम्मेदार होगा। जमीन को अलग-अलग भूखंडों में बांटकर स्वतंत्र रेस्टोरेंट, व्यावसायिक परिसर या पार्किंग प्लॉट नहीं बनाए जा सकेंगे।
कॉम्प्लेक्स में कुल भूखंड क्षेत्रफल के मुकाबले चार गुना फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) की अनुमति होगी। यानी भवनों के सभी तलों का कुल अनुमन्य निर्मित क्षेत्र भूखंड क्षेत्रफल के चार गुना तक हो सकेगा। इस एफएआर का इस्तेमाल कॉम्प्लेक्स के भीतर अलग-अलग भवनों और तलों में किया जा सकेगा। हालांकि, एफएआर के तहत होने वाला पूरा निर्माण अधिकतम 20 मीटर की ऊंचाई के भीतर रखना होगा। पूरे निर्मित क्षेत्र के लिए भूखंड के अंदर ही भवन नियमों के अनुसार पार्किंग की व्यवस्था करनी होगी।
ऑटो कारोबार का 10 साल का अनुभव जरूरी
योजना में निवेश करने वाले बोलीदाता के लिए ऑटोमोबाइल डीलरशिप कारोबार में कम से कम 10 साल का अनुभव होना जरूरी होगा। बोली जमा करने की अंतिम तारीख तक यह अनुभव पूरा होना चाहिए। कंपनी का खुद के नाम या समूह की संबंधित कंपनियों के माध्यम से देश के कई शहरों में कारोबार होना चाहिए। इसमें कम से कम तीन शहरों में लगातार पांच साल तक कारोबार की मौजूदगी की शर्त भी रखी गई है। योजना में कंपनियों के समूह यानी कंसोर्टियम को भी बोली लगाने की अनुमति होगी।
पांच साल में पूरा करना होगा निर्माण
लीज डीड निष्पादित होने की तारीख से अधिकतम पांच साल में पूरे कॉम्प्लेक्स का निर्माण पूरा कर ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट लेना होगा। निर्माण को अधिकतम तीन चरणों में पूरा किया जा सकेगा। पहले चरण का ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट तीन साल के भीतर लेना अनिवार्य होगा। इससे प्राधिकरण का उद्देश्य है कि भूखंड आवंटित होने के बाद परियोजना तय समय सीमा में विकसित हो और सेक्टर-105 में वाहन कंपनियों के शोरूम के लिए एकीकृत व्यावसायिक केंद्र तैयार हो सके।
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