कौशांबी में कच्चा मकान होने पर भी महिला अपात्र घोषित:जांच अधिकारी ने पक्के मकान की फोटो लगाकर काटा नाम, सांसद से शिकायत
कौशांबी में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में बड़ी लापरवाही और धांधली का मामला सामने आया है। मंझनपुर तहसील के ग्राम बैगावां फतेहपुर (पोस्ट ढोकसहा) की रहने वाली दिव्यांग महिला, सरिता देवी पत्नी अशोक कुमार ने जांच अधिकारी की कथित मनमानी के कारण आवास योजना की सूची से अपात्र घोषित कर दिया गया है। पीड़िता ने इस मामले की शिकायत बीते सप्ताह भर पहले कौशांबी के सांसद पुष्पेंद्र सरोज से भी की है। पीड़िता सरिता देवी द्वारा सांसद को दिये गए शिकायती पत्र के अनुसार, वह पूरी तरह से दिव्यांग हैं और अपने परिवार से अलग एक खपरैल वाले कच्चे मिट्टी के मकान में जीवन बसर कर रही हैं। जब उन्हें पता चला कि उनका नाम आवास योजना की सूची से काट दिया गया है, तो उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 1076 पर इसकी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद जब ग्राम पंचायत के सेक्रेटरी (दूधनाथ पटेल) जांच के लिए मौके पर पहुंचे, तब सरिता देवी घर पर मौजूद नहीं थीं। पड़ोस के पक्के मकान की फोटो खींच ली आरोप है कि सेक्रेटरी ने सरिता देवी के खपरैल वाले कच्चे मकान की फोटो लेने के बजाय, पड़ोस के किसी अन्य पक्के मकान की फोटो खींच ली। इसी पक्के मकान की फोटो को सरकारी पोर्टल (साइट) पर अपलोड कर यह रिपोर्ट लगा दी गई कि सरिता देवी के पास पहले से ही पक्का मकान है, जिसके आधार पर उन्हें अपात्र घोषित कर दिया गया। इस पूरे मामले में कौशांबी के सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने तुरंत संज्ञान लिया है। पत्र पर मंझनपुर के उप जिलाधिकारी (SDM) को लिखित निर्देश जारी किए गए हैं। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना का लाभ जिसमें मामले की गंभीरता से जांच कराने और पीड़िता को तत्काल प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना का लाभ (आवास) दिलाने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने को कहा गया है। पीड़ित महिला ने प्रशासन से मांग की है कि मौके पर निष्पक्ष और सही जांच कराई जाए ताकि उन्हें रहने के लिए छत मिल सके।
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