नेशनल पीजी कॉलेज में 12 साल बाद मिले पूर्व छात्र:लखनऊ में साझा किए अनुभव, जरूरतमंदों की मदद का भी लिया फैसला
लखनऊ के नेशनल पीजी कॉलेज में शनिवार को 2009-12 बैच के पूर्व छात्रों का एलुमनाई मीट का आयोजन किया गया। करीब 12-14 साल बाद मिले दोस्तों ने कॉलेज के दिनों की यादें साझा कीं। इस बैच के कई छात्र आज सुप्रीम कोर्ट, पीसीएस, इनकम टैक्स और परिवहन विभाग में सेवाएं दे रहे हैं। कॉलेज के प्रॉक्टर प्रो. पवन कुमार सिंह ने कहा कि कॉलेज में पढ़ाई के साथ अनुशासन ने छात्रों को आगे बढ़ने की मजबूत नींव दी। उन्होंने बताया कि पूर्व छात्रों ने जरूरतमंद विद्यार्थियों की मदद का फैसला लिया है। इसके लिए फंड बनाया जाएगा। इससे गरीब बच्चों को छात्रवृत्ति देने के साथ कंप्यूटर और लैपटॉप उपलब्ध कराए जाएंगे। पूर्व छात्र हर साल एलुमनाई मीट आयोजित करने की भी योजना बना रहे हैं। हिंदी माध्यम से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचे संजीव सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता संजीव कुमार मेहरा ने बताया कि वे अपने परिवार के पहले सदस्य हैं, जिन्होंने स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद सुप्रीम कोर्ट तक का सफर तय किया। हिंदी माध्यम के छात्र होने के कारण शुरुआत में अंग्रेजी और सुप्रीम कोर्ट के माहौल को समझने में काफी संघर्ष करना पड़ा। करीब चार साल की मेहनत के बाद वे स्वतंत्र रूप से प्रैक्टिस करने लगे। उनके 12 से 15 मामलों के नाम एससीसी ऑनलाइन पर प्रकाशित हो चुके हैं। कॉलेज में रेक्टर बने पूर्व छात्र पूर्व छात्र रहीश ने बताया कि उन्होंने 2009-12 में ग्रेजुएशन और 2012-14 में एंथ्रोपोलॉजी से मास्टर्स किया। फरवरी 2014 में उनका चयन हुआ। अब वे कॉलेज के हॉस्टल विभाग में रेक्टर हैं। उन्होंने इस मुलाकात को भावुक और यादगार बताया। इस मौके पर डॉक्टर ऋतु जैन, डॉ. अभिनव द्विवेदी, प्रोफेसर रामकृष्ण के साथ अन्य अध्यापक और बड़ी संख्या में कॉलेज के छात्र व एलुमनाई शामिल हुए।
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