KGMU धर्मांतरण मामले में शासन का एक्शन:कुलसचिव से मांगी कार्रवाई की रिपोर्ट, STF जांच में सामने आए डॉक्टरों-कर्मचारियों के नाम
लखनऊ के KGMU में धर्मांतरण और लव जिहाद के मामलों में शासन ने कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने STF की जांच रिपोर्ट के आधार पर KGMU के कुलसचिव से संबंधित डॉक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। शासन ने कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी है। संयुक्त सचिव आनंद कुमार त्रिपाठी की ओर से 30 अक्टूबर 2026 को जारी पत्र में कहा गया है कि STF की जांच रिपोर्ट में KGMU के शिक्षकों और कर्मचारियों का उल्लेख है। ऐसे में KGMU अधिनियम-2002 और परिनियमावली-2011 में दी गई व्यवस्था के तहत रिपोर्ट में कर्मियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। रेजिडेंट डॉक्टर डॉ.रमीज का मामला भी शामिल STF की रिपोर्ट में KGMU के पैथोलॉजी विभाग के रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. रमीज का मामला भी शामिल है। उन पर एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर को प्रेमजाल में फंसाने, धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने और निकाह करने के आरोप हैं। पत्र के मुताबिक, डॉ. रमीज को 9 जनवरी 2026 को गिरफ्तार किया जा चुका है। उनके खिलाफ लखनऊ के चौक थाने में केस दर्ज है और मामले की विवेचना चल रही है। नर्सिंग स्टाफ और महिला डॉक्टरों की शिकायतें भी रिपोर्ट में KGMU के अलग-अलग विभागों में काम करने वाली महिला कर्मचारियों और रेजिडेंट डॉक्टरों से जुड़े दूसरे मामलों का भी जिक्र है। इनमें कथित उत्पीड़न, धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने और अनुचित व्यवहार की शिकायतें शामिल हैं। STF रिपोर्ट में कुछ डॉक्टरों और कर्मचारियों पर शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं करने और आरोपियों को संरक्षण देने के आरोप भी दर्ज हैं। पीड़ितों को प्रभावित करने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है। 25 अगस्त की STF रिपोर्ट का हवाला शासन ने यह निर्देश अपर पुलिस महानिदेशक, कानून-व्यवस्था/STF उत्तर प्रदेश के 25 अगस्त 2026 के पत्र के संदर्भ में जारी किया है। इसमें KGMU परिसर में हुए धर्मांतरण और लव जिहाद के मामलों की जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराई गई थी। शासन ने जांच रिपोर्ट की प्रति KGMU प्रशासन को भेजते हुए स्पष्ट किया है कि इसमें चिह्नित डॉक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। इसके बाद की पूरी आख्या शासन को उपलब्ध कराई जाए। कुलपति को भी भेजी गई पत्र की कॉपी चिकित्सा शिक्षा अनुभाग-2 के इस पत्र की कॉपी KGMU के कुलपति को भी भेजी गई है। उन्हें सूचनार्थ और जरूरी कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है। अब शासन के निर्देश के बाद KGMU प्रशासन को जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई कार्रवाई खिलाफ की गई कार्रवाई का ब्योरा देना होगा।
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