बुलेट बाइक नहीं मिली तो गर्म चिमटे से जलाए हाथ:सहारनपुर में 15 सप्ताह की गर्भवती को दवाई खिलाई, कोर्ट के आदेश पर छह पर FIR

Oct 31, 2026 - 07:35
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बुलेट बाइक नहीं मिली तो गर्म चिमटे से जलाए हाथ:सहारनपुर में 15 सप्ताह की गर्भवती को दवाई खिलाई, कोर्ट के आदेश पर छह पर FIR
सहारनपुर में दहेज में बुलेट बाइक नहीं मिलने पर विवाहिता को प्रताड़ित करने, गर्म चिमटे से हाथ जलाने और जबरन गर्भपात कराने का गंभीर मामला सामने आया है। गंगोह की 20 वर्षीय विवाहिता रेशमा ने पति समेत ससुराल पक्ष के छह लोगों पर ये आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि 15 सप्ताह की गर्भवती होने के दौरान ससुराल वालों ने उसे बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयां खिला दीं। इससे उसकी तबीयत बिगड़ गई और तीन दिन बाद गर्भपात हो गया। कोर्ट के आदेश पर महिला थाना सहारनपुर में पति, सास-ससुर, जेठ, देवर और ननदोई के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। गंगोह के मोहल्ला अनारकली निवासी रेशमा का निकाह 21 नवंबर 2024 को तालिब के साथ हुआ था। विवाहिता के मुताबिक, उसके मायके वालों ने शादी में करीब 10 लाख रुपये खर्च कर सोने-चांदी के जेवर, फ्रिज, वाशिंग मशीन, फर्नीचर और घरेलू सामान दिया था। इसके बावजूद ससुराल वाले खुश नहीं थे। वे लगातार बुलेट मोटरसाइकिल की मांग कर रहे थे। मांग पूरी नहीं होने पर उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की जाती थी। आरोप है कि सास ने गर्म चिमटे से उसके हाथ जला दिए। कई बार उसे जलते गैस चूल्हे पर गिराकर मारने की कोशिश भी की गई। 15 सप्ताह की गर्भवती थी, दवाइयां खिलाने का आरोप रेशमा के अनुसार, 5 अप्रैल 2025 को अल्ट्रासाउंड में उसके 15 सप्ताह की गर्भवती होने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद ससुराल वाले उस पर गर्भपात कराने का दबाव बनाने लगे। आरोप है कि 20 अप्रैल को पति तालिब, जेठ और ननदोई दवाइयां लेकर आए। उन्होंने डॉक्टर के पास अगले दिन ले जाने की बात कहकर उसे दवाइयां खिला दीं। इसके बाद उसके पेट में तेज दर्द होने लगा और हालत बिगड़ गई। आरोप है कि ससुराल वालों ने उसे तत्काल डॉक्टर को नहीं दिखाया और मायके वालों को भी सूचना नहीं दी। विवाहिता का आरोप है कि 23 अप्रैल को हालत ज्यादा बिगड़ने पर उसे गंगोह के एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहां उसका गर्भपात हो गया। डॉक्टर ने दवाइयां खाने की बात बताते हुए गर्भपात की जानकारी दी थी। रेशमा ने आरोप लगाया कि उसे जानबूझकर ऐसी दवाइयां दी गईं, जिससे गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई। समझौते के छह दिन बाद फिर मारपीट रेशमा के मुताबिक, 27 अप्रैल को उसे मायके भेज दिया गया। महिला थाने में शिकायत के बाद 9 जनवरी 2026 को समझौता हुआ और वह ससुराल लौट गई, लेकिन 15 जनवरी को फिर मारपीट की गई। विरोध करने पर पहुंचे उसके मायके वालों के साथ भी हाथापाई की गई। ससुराल वालों ने बुलेट बाइक दिए बिना उसे घर में रखने से इनकार कर दिया और जान से मारने की धमकी दी। विवाहिता का कहना है कि उसका स्त्रीधन भी ससुराल वालों के पास है। रेशमा ने 18 अगस्त 2026 को एसएसपी को डाक से शिकायत भेजी थी। कार्रवाई नहीं होने पर उसने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। कोर्ट के आदेश पर महिला थाना पुलिस ने पति तालिब, ससुर इरफान, सास मसूदा, जेठ कलीम, देवर जुलफान और ननदोई शौकीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

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