KGMU में 13 डॉक्टरों पर कार्रवाई का फैसला आज:STF रिपोर्ट पर EC की बैठक, इससे पहले शिक्षक संघ ने उठाए सवाल
KGMU में धर्मांतरण और डॉ.रमीज मामले में आरोपी डॉक्टरों पर कार्रवाई को लेकर शुक्रवार को बड़ा फैसला हो सकता है। कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद की अध्यक्षता में आज दोपहर बाद कार्यपरिषद की आपात बैठक होगी। इसमें STF की सात पेज की जांच रिपोर्ट रखी जाएगी। रिपोर्ट में शामिल 13 डॉक्टरों की भूमिका पर चर्चा के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई तय की जा सकती है। कुछ डॉक्टरों को प्रशासनिक पदों से हटाने और मामले का निस्तारण होने तक नई जिम्मेदारी नहीं देने पर भी फैसला हो सकता है। इस बीच कार्यपरिषद की बैठक से ठीक पहले KGMU शिक्षक संघ ने STF की जांच रिपोर्ट पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षक संघ के महासचिव डॉ. संतोष कुमार ने 5 नवंबर को कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद को पत्र लिखकर रिपोर्ट की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। संघ का आरोप है कि रिपोर्ट में कई शिक्षकों के नाम, विभाग और उनसे जुड़े मामलों की जानकारी गलत दर्ज की गई है। ऐसे में तथ्यों की पुष्टि और संबंधित शिक्षकों का पक्ष सुने बिना कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।
13 डॉक्टरों की भूमिका पर होगी चर्चा कार्यपरिषद की बैठक में STF की रिपोर्ट में शामिल 13 डॉक्टरों के मामले प्रमुखता से रखे जाएंगे। सभी कार्यपरिषद सदस्यों को बैठक में शामिल होने का आग्रह किया गया है। रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों और आरोपों के आधार पर संबंधित डॉक्टरों की भूमिका पर चर्चा होगी। इसके बाद कार्यपरिषद तय करेगी कि किस डॉक्टर के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाए। संबंधित डॉक्टरों को नोटिस जारी करने पर भी विचार हो सकता है। शिक्षकों के नाम और विभाग तक गलत लिखने का आरोप शिक्षक संघ ने पत्र में रिपोर्ट की तथ्यात्मक गलतियों का जिक्र किया है। आरोप है कि कुछ डॉक्टरों को ऐसे विभागों में तैनात बताया गया है, जहां वे काम ही नहीं करते। कुछ मामलों में नाम और विभाग दोनों गलत दर्ज हैं। संघ ने डॉ. अब्बास अली मेहदी से जुड़ी जानकारी पर भी आपत्ति जताई है। पत्र के मुताबिक, रिपोर्ट में उनके वर्तमान संस्थान और पद से जुड़ी जानकारी सही नहीं है। तीन विभागों के प्रमुखों से जुड़े मामलों पर भी सवाल पत्र में माइक्रोबायोलॉजी, पैथोलॉजी और रेडियोथेरेपी विभाग से जुड़े मामलों को भी उठाया गया है। शिक्षक संघ का कहना है कि कुछ विभागाध्यक्षों के खिलाफ लगाए गए आरोपों और महिला डॉक्टरों की शिकायतों की पूरी पड़ताल नहीं की गई। कुछ डॉक्टरों के नाम को आपराधिक गतिविधियों से जोड़ने पर भी संघ ने आपत्ति जताई है। डॉ. रमीज मामले में विश्वविद्यालय के हस्तक्षेप पर सवाल शिक्षक संघ ने डॉ. रमीज मलिक से जुड़े मामले का भी जिक्र किया है। संघ के मुताबिक, उनके खिलाफ 23 दिसंबर 2025 को चौक थाने में FIR दर्ज हुई थी। इसमें BNS और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धाराएं लगाई गई हैं। संघ का कहना है कि मामले में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल होने के बाद विश्वविद्यालय स्तर पर हस्तक्षेप का औचित्य नहीं है। प्रशासनिक पदों से हटाए जा सकते हैं डॉक्टर STF रिपोर्ट के आधार पर कुछ आरोपी डॉक्टरों को प्रशासनिक पदों से हटाया जा सकता है। इसके अलावा मामले का निस्तारण होने तक उन्हें नई प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं देने पर भी विचार हो सकता है। संबंधित डॉक्टरों को नोटिस जारी कर उनका पक्ष लेने का विकल्प भी है। इन सभी बिंदुओं पर कार्यपरिषद की बैठक में निर्णय होने की उम्मीद है। कार्रवाई की आशंका से डॉक्टरों में बेचैनी STF रिपोर्ट में नाम शामिल होने के बाद संबंधित डॉक्टरों में कार्रवाई को लेकर बेचैनी है। डॉक्टरों का कहना है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। वहीं, शिक्षक संघ ने भी रिपोर्ट की निष्पक्ष जांच की मांग उठाकर कार्रवाई से पहले नया सवाल खड़ा कर दिया है। ऐसे में आज होने वाली कार्यपरिषद की बैठक में STF रिपोर्ट के साथ शिक्षक संघ के पत्र पर भी चर्चा अहम हो सकती है।
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