लखनऊ में 68500 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का प्रदर्शन:नियुक्ति न मिलने से नाराज SCERT कार्यालय घेरा , सरकार पर गुमराह करने का आरोप लगाया
लखनऊ में बुधवार को 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन जारी है। अपनी मांगों को लेकर निशातगंज स्थित SCERT कार्यालय का भैरव किया। नियुक्ति न मिलने से नाराज अभ्यर्थी जमकर नारेबाजी और हंगामा कर रहे हैं। जमीन पर गरीबी जाकर बैठ अभ्यर्थी 'ऐसी क्या मजबूरी है-आरक्षण की चोरी है' और 'पिछड़ा आयोग ने माना है-आरक्षण घोटाला है' जैसे नारे लगा रहे हैं। 70 दिनों से जारी है आंदोलन प्रदर्शनकारियों ने बताया कि पिछले 70 दिनों से लखनऊ में अनावृत आंदोलन जारी है। हर दिन मंत्री और विधायकों के दरवाजे पर जाते हैं और निराश होकर वापस आते हैं। कई बार भारतीय जनता पार्टी के मुख्यालय का घेराव किया , प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के दरवाजे पर गए। इसके अलावा शिक्षा मंत्री संदीप सिंह से मिले मगर किसी प्रकार की कोई सुनवाई नहीं हो रही। ‘मंत्री ने भी नहीं किया समस्या का समाधान’ प्रदर्शन करने आए नवीन ने बताया कि 10 सितंबर को हम सभी लोगों की मुलाकात बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंग और माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी के साथ हुई। इस दौरान बेसिक और माध्यमिक विभाग के तमाम आलाधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक में दोनों मंत्रियों के साथ अधिकारियों ने भी इस बात को स्वीकार किया कि घोटाला हुआ है। जब राज्य पिछड़ा आयोग ने मान लिया राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग ने मान लिया और अब सरकार में बैठे अधिकारी मंत्री भी स्वीकार कर रहे हैं कि घोटाला हुआ है तो रोजगार क्यों नहीं मिलता। ‘8 साल से चप्पल घिस रहे हैं’ प्रदर्शन कर रहे तूफान सिंह ने आरोप लगाया कि 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती में बड़े स्तर पर आरक्षण घोटाला हुआ है। राज्य और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी आरक्षण में गड़बड़ी की बात मानते हुए नियमों का पालन करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि आयोग के आदेशों का पालन किया जाए। वर्ष 2018 में भर्ती निकली थी, तभी हमने फॉर्म भरा था। इसके बाद से आज तक नौकरी की उम्मीद में 8 साल से सिर्फ चप्पल घिस रहे हैं। मौजूदा सरकार में मुख्यमंत्री से लेकर कोई भी मुख्यमंत्री या विधायक नहीं है जिसके दरवाजे पर जाकर प्रदर्शन नहीं किया याचना नहीं किया मगर रोजगार नहीं मिला।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)