लूट के मोबाइल की जगह पुलिस ने दिखाए नकदी-जेवर बरामद:आरोपियों को कोर्ट से मिली जमानत, अधिवक्ता ने बरामदगी पर उठाए सवाल
आगरा में दो मोबाइल फोन लूटने के मामले में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल की जगह 7,100 रुपये और सोने के आभूषण बरामद दिखाए। बचाव पक्ष के अधिवक्ता का तर्क था कि लूटे गए बैग में नकदी और जेवर थे ही नहीं। बरामदगी का कोई स्वतंत्र गवाह भी नहीं दर्शाया गया। इन तर्कों के आधार पर एडीजे रविकांत की अदालत ने लूट और अन्य आरोपों में जेल में बंद दो सगे भाइयों की जमानत मंजूर कर जिला कारागार से रिहाई के आदेश दिए। मामला थाना फतेहाबाद में दर्ज लूट के मुकदमे से जुड़ा है। वादी विशाल गुप्ता के मामा धीरज गुप्ता अपनी पत्नी खुशबू और दो बच्चों के साथ मोटरसाइकिल से फतेहाबाद से शमसाबाद की ओर जा रहे थे। रास्ते में जगराजपुर पेट्रोल पंप के पास पीछे से आए मोटरसाइकिल सवार बदमाश उनकी पत्नी के कंधे पर टंगा बैग लूटकर फरार हो गए। बैग में दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन और बच्चे की दूध की बोतल रखी थी। इस मामले में पुलिस ने ग्राम बमरई, थाना निबोहरा निवासी सगे भाइयों भीम सेन और भाव सिंह पुत्र होतम सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आरोपियों के अधिवक्ता दिनेश सिंह धाकरे ने अदालत में तर्क दिया कि बैग में मोबाइल फोन और दूध की बोतल थी, जबकि पुलिस ने बरामदगी में 7,100 रुपये और सोने के आभूषण दिखाए। बैग में ये सामान मौजूद नहीं था। इसके अलावा बरामदगी के लिए स्वतंत्र गवाह भी नहीं दर्शाया गया। बचाव पक्ष के तर्क सुनने के बाद एडीजे रविकांत ने दोनों आरोपियों के जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार कर उनकी रिहाई के आदेश दिए।
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