शबाना ने पैरा कैनो चैंपियनशिप में स्वर्ण जीता:भोपाल में 26 से 28 अक्टूबर तक हुई 19वीं राष्ट्रीय सीनियर प्रतियोगिता; अब अंतरराष्ट्रीय पदक के लिए कर रहीं अभ्यास
शामली की पैरा कैनो खिलाड़ी शबाना ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। भोपाल में 26 से 28 अक्टूबर तक आयोजित 19वीं राष्ट्रीय सीनियर पैरा कैनो चैंपियनशिप में उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया। लगातार मिल रही सफलताओं के बीच अब उनका लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर देश और जिले का मान बढ़ाना है। इसके लिए वह भोपाल में रहकर नियमित अभ्यास कर रही हैं। शहर मुख्यालय के बूढ़ा बाबू, नौकुआ रोड निवासी शबाना स्वर्गीय शकील अहमद की पुत्री हैं। उनके पिता को खेलों में विशेष रुचि थी। उन्होंने ही शबाना को पैरा कैनो में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया था। कोरोना काल में पिता के निधन के बाद शबाना ने खेल छोड़ने तक का विचार किया, लेकिन मां आमना बेगम ने उनका हौसला टूटने नहीं दिया। मां के प्रोत्साहन से उन्होंने दोबारा अभ्यास शुरू किया और अपनी मेहनत के दम पर सफलता की नई इबारत लिखी। राष्ट्रीय से एशियाई स्तर तक लहरा चुकी हैं परचम शबाना की उपलब्धियों का सिलसिला वर्ष 2023 से जारी है। भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय पैरा कैनो चैंपियनशिप में उन्होंने दो रजत पदक जीते थे। वर्ष 2024 की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में एक स्वर्ण और एक रजत पदक हासिल किया। अप्रैल 2024 में जापान में आयोजित एशियाई पैरा कैनो चैंपियनशिप में भी उन्होंने स्वर्ण और रजत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा साबित की। इसी वर्ष चीन में आयोजित एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने पांचवां स्थान हासिल किया। इसके बाद 24 से 28 अप्रैल 2025 तक भोपाल की लोअर लेक में आयोजित 18वीं राष्ट्रीय पैरा कैनोइंग रेस की 200 मीटर स्पर्धा में भी शबाना ने स्वर्ण पदक जीता था। अब 19वीं राष्ट्रीय सीनियर पैरा कैनो चैंपियनशिप में फिर से स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अपनी सफलता का सिलसिला बरकरार रखा है। दिव्यांग खिलाड़ी हिम्मत न हारें शबाना का सपना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर देश के लिए पदक जीतना है। इसके लिए वह लगातार अभ्यास और मेहनत कर रही हैं। उनका मानना है कि दिव्यांग खिलाड़ियों को अपनी शारीरिक चुनौतियों से निराश नहीं होना चाहिए। मजबूत इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। शबाना की उपलब्धियां जिले के दूसरे खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं। क्या है पैरा कैनो खेल पैरा कैनो दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए कैनोइंग का खेल है। इसमें खिलाड़ी विशेष प्रकार की कश्ती में बैठकर पैडल की मदद से पानी में आगे बढ़ते हैं। प्रतियोगिताएं निर्धारित दूरी पर समय के आधार पर होती हैं। खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता और जरूरत के अनुसार अलग-अलग वर्ग बनाए जाते हैं। इस खेल में संतुलन, ताकत, तकनीक और गति का विशेष महत्व होता है।
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