मातृ-मृत्यु दर अधिक मिलने पर सीएमओ का वेतन-रोकने के निर्देश:प्रतापगढ़ में मंडलायुक्त ने विकास कार्यों की समीक्षा की
प्रतापगढ़ में मातृ-मृत्यु के मामले अधिक मिलने पर प्रयागराज मंडल के मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने प्रतापगढ़ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) का वेतन रोकने के निर्देश दिए। वहीं, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर उपायुक्त का वेतन रोकने के लिए जिलाधिकारी से कहा। मंडलायुक्त शुक्रवार शाम करीब 6 बजे प्रतापगढ़ पहुंचे। उन्होंने विकास भवन सभागार में करीब एक घंटे तक शासन की प्राथमिकता वाले विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं और उनकी प्रगति की जानकारी ली गई। मातृ-मृत्यु की हर घटना की समीक्षा कर जिम्मेदारी तय करें स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान मंडलायुक्त ने मातृ-मृत्यु की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक घटना के कारणों की समीक्षा कर जिम्मेदारी तय की जाए। सीएचसी और पीएचसी में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने, साफ-सफाई रखने, जलभराव रोकने और मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के उपाय करने को भी कहा। सैम-मैम बच्चों के परिवारों को योजनाओं से जोड़ें बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की समीक्षा में मंडलायुक्त ने सैम और मैम श्रेणी के बच्चों के परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। दोनों ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी गई। रिपोर्ट में पात्र परिवारों को आवास, जॉब कार्ड और शौचालय मिलने की स्थिति के साथ पोषण आहार और जागरूकता कार्यक्रमों का ब्योरा देना होगा। स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री बढ़ाने पर जोर एनआरएलएम की समीक्षा में मंडलायुक्त ने स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री बढ़ाने और विपणन व्यवस्था मजबूत करने को कहा। कमजोर समूहों को बेहतर प्रदर्शन करने वाले समूहों से प्रशिक्षण दिलाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही ड्रोन दीदी योजना की प्रगति और ऋण के लंबित मामलों की भी समीक्षा की। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत पांच लाभार्थियों के पांच-पांच लाख रुपये के ऋण लंबित पाए गए। मंडलायुक्त ने 7 नवंबर तक ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों के आवेदन बैंक अनावश्यक रूप से निरस्त न करें। 15 दिन में स्कूलों और गांवों की व्यवस्था सुधारने के निर्देश पंचायती राज विभाग को 15 दिनों में गांवों की स्वच्छता व्यवस्था बेहतर बनाने और शौचालय निर्माण की दूसरी किस्त जारी करने से पहले स्थलीय सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए। बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा में मंडलायुक्त ने विद्यालयों में बिजली, बाउंड्रीवाल, फर्नीचर और साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा। पांच विद्यालयों में निर्धारित मानकों की जांच कर 15 दिनों में रिपोर्ट मांगी गई। बैठक में जिलाधिकारी अभिषेक पाण्डेय, सीडीओ डॉ. राममोहन मीना, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अनुष्का शर्मा, अभिषेक सेहरा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के बाद मंडलायुक्त ने विकास भवन में निर्माणाधीन कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिए।
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