औरैया में सेवानिवृत्ति के बाद स्टेनो से काम लिया:शासन ने DM से मांगी CDO की रिपोर्ट, मनरेगा भर्ती की भी जांच होगी
औरैया में सेवानिवृत्ति के बाद भी स्टेनो पवन कुमार से कार्यालय का काम कराने और उन्हें एक महीने की प्रोत्साहन राशि का भुगतान करने का मामला एक बार फिर जांच के दायरे में आ गया है। इस पूरे प्रकरण में शासन ने तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) संत कुमार से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। हालांकि, पूर्व जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने इस भुगतान को नियमों के अनुकूल माना था। 30 अप्रैल 2026 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं पूर्व सीडीओ ग्राम्य विकास आयुक्त कार्यालय की ओर से 28 अक्टूबर को जिलाधिकारी को भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि तत्कालीन सीडीओ संत कुमार 30 अप्रैल 2026 को ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं। पूर्व में भेजे गए प्रस्ताव में कथित वित्तीय नुकसान का स्पष्ट विवरण नहीं था, इसलिए आयुक्त कार्यालय ने सीएसआर के अनुच्छेद 351-ए के तहत पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर स्पष्ट संस्तुति के साथ रिपोर्ट मांगी है। मनरेगा में तकनीकी सहायकों की भर्ती में भी धांधली के आरोप इस प्रकरण से जुड़ा एक और गंभीर पहलू सामने आया है। मामले में मनरेगा के तहत तकनीकी सहायकों (टीए) की भर्ती प्रक्रिया में भी बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और धांधली के आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की पूरी सच्चाई जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगी। फाइल मंगाकर रिकॉर्ड खंगाल रहे डीएम बृजेश कुमार मामले में प्रगति की जानकारी देते हुए जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने बताया कि शासन की ओर से पत्र प्राप्त हो चुका है। उन्होंने संबंधित प्रकरण की मूल फाइल अपने पास मंगवा ली है। सभी रिकॉर्ड का अध्ययन करने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि आरोप किस स्तर के हैं और किन-किन प्रमुख बिंदुओं पर जांच आगे बढ़ाई जानी है।
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