महादलित पंचायत ने जाति प्रथा खत्म करने की मांग उठाई:अंबेडकर सेवक समिति ने सिटी मजिस्ट्रेट के जरिए राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा
मऊ के जिला कलेक्ट्रेट परिसर में सोमवार सुबह 10 बजे अंबेडकर सेवक समिति ने महादलित पंचायत की। पंचायत में जातिगत भेदभाव खत्म करने, समानता स्थापित करने और अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा देने के लिए कानून बनाने की मांग उठाई गई। समिति के अध्यक्ष राजेंद्र राम ने बताया कि पंचायत में तीन प्रमुख मांगें रखी गईं। पहली मांग जाति उन्मूलन विधेयक को संसद में पारित कराने और जातिविहीन हिंदू समाज की स्थापना की दिशा में कदम उठाने की है। राम उपाधियों का जिक्र किया दूसरी मांग हिंदुओं के नाम के आगे लगने वाली जातिसूचक उपाधियां खत्म करने के लिए कानून बनाने की है। इसमें पांडेय, सिंह, राय, श्रीवास्तव, यादव, राजभर, कुशवाहा और राम उपाधियों का जिक्र किया गया। तीसरी मांग हिंदू समाज में अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा देने के लिए संसद से कानून बनाने की है। समिति ने कहा कि जातिगत भेदभाव खत्म करने और सामाजिक समानता के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। कलेक्ट्रेट के धरना स्थल पर पंचायत के दौरान सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। समिति ने सिटी मजिस्ट्रेट के जरिए राष्ट्रपति को ज्ञापन भी भेजा। मीडिया से बात करते हुए राजेंद्र राम ने कहा कि जाति प्रथा देश की बड़ी समस्याओं में से एक है और यह कई हजार साल से चली आ रही है। उन्होंने कहा कि निचली जातियों के लोगों को पानी और खाना नहीं मिला और उनके साथ भेदभाव हुआ। राजेंद्र राम ने कहा कि संसद ऐसा कानून बनाए, जिससे जाति प्रथा खत्म हो। उन्होंने कहा कि जाति प्रथा के कारण आरक्षण और एससी-एसटी एक्ट की जरूरत पड़ी है। उनके मुताबिक, बड़ी जातियों की ओर से छोटी जातियों के साथ भेदभाव के चलते समिति जाति प्रथा खत्म करने की मांग कर रही है।
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