रामपुर में आजम खान के दो मुकदमों में सुनवाई हुई:गवाह धमकी मामले में 13 नवंबर को बयान; जौहर यूनिवर्सिटी केस में रिमांड अर्जी खारिज
रामपुर में मोहम्मद आजम खान से जुड़े दो मुकदमों में सोमवार दोपहर 12 बजे सुनवाई हुई। एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने गवाह को धमकी देने के मामले में धारा 313 के तहत बयान के लिए 13 नवंबर की तारीख तय की। जौहर यूनिवर्सिटी मामले में एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पुलिस की रिमांड अर्जी खारिज कर दी। गवाह को धमकी देने का मुकदमा 17 अगस्त 2022 को गंज कोतवाली में दर्ज हुआ था। मोहल्ला बेरियान निवासी नन्हे ने शिकायत दी थी। नन्हे डूंगरपुर मामले में वादी और गवाह हैं। उस मामले में आजम खान आरोपी हैं। आरोप है कि आजम खान के खिलाफ गवाही देने पर कुछ लोग नन्हे के घर पहुंचे और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। तत्कालीन शहर कोतवाल गजेंद्र त्यागी ने जांच के बाद आरोपपत्र दाखिल किया। गजेंद्र त्यागी अभियोजन पक्ष के गवाह भी बने। अक्टूबर में उनकी गवाही और जिरह पूरी हो गई। अभियोजन पक्ष के गवाहों की गवाही पूरी होने के बाद अब बयान दर्ज करने की प्रक्रिया है। दूसरा मामला जौहर यूनिवर्सिटी में सरकारी धन के दुरुपयोग से जुड़ा है। यह मामला 13 अक्टूबर 2026 को अजीमनगर थाने में दर्ज हुआ था। ईडी लखनऊ जोन के उप निदेशक पीयूष एस थोरेट ने शिकायत दी थी। इसमें आजम खान, जौहर ट्रस्ट, एसएस एंड एस एंटरप्राइजेज, एसएस चिक एसोसिएट्स समेत पांच को आरोपी बनाया गया है। आरोप वित्तीय गड़बड़ी और धोखाधड़ी का है। ईडी के मुताबिक, विश्वविद्यालय की अनुमानित निर्माण लागत 494 करोड़ रुपए थी, जबकि ट्रस्ट ने 78 करोड़ रुपए खर्च दिखाए। 416 करोड़ रुपए के अंतर को अस्पष्ट बताया गया। जल निगम और विधायक निधि से हुए 6 करोड़ रुपए के कामों को भी जांच में शामिल किया गया है। टांडा के सीओ पंकज पंत इस मामले की जांच कर रहे हैं। उन्होंने 29 अक्टूबर को रिमांड वारंट के लिए अर्जी दी थी। दो पैनकार्ड मामले में जमानत मिलने के बाद आजम खान 31 अक्टूबर को रामपुर जेल से बाहर आए, तो ईडी ने उन्हें हिरासत में ले लिया। अधिवक्ता नासिर सुल्तान ने बताया कि आजम खान रामपुर जेल में बंद नहीं हैं इसलिए रिमांड अर्जी खारिज हुई।
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