मेडिकल कॉलेज में कुत्तों ने नवजात के शव को नोंचा:रात 12 बजे परिजनों को सौंपा था बच्चा, सुबह 3 बजे गायब मिला, 50 मीटर दूर मिले अवशेष

Nov 02, 2026 - 15:00
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मेडिकल कॉलेज में कुत्तों ने नवजात के शव को नोंचा:रात 12 बजे परिजनों को सौंपा था बच्चा, सुबह 3 बजे गायब मिला, 50 मीटर दूर मिले अवशेष
बांदा मेडिकल कॉलेज परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। यहां मृत अवस्था में जन्मे नवजात को कुत्तों ने नोंच डाला। रात करीब 12 बजे अस्पताल कर्मियों ने बच्चे को परिजनों के सुपुर्द किया था। इसके बाद परिवार के लोग परिसर में ही बच्चे को लेकर बैठे रहे। रात करीब 3 बजे नींद खुली तो बच्चा गायब मिला। तलाश करने पर करीब 50 मीटर दूर उसके अवशेष मिले। सिर और धड़ गायब थे, जबकि दोनों हाथ एक जगह और पैर करीब 20 मीटर दूर पड़े मिले। गिरवां थाना क्षेत्र के बड़ी बड़ोखर बुजुर्ग निवासी गणेश प्रसाद कुशवाहा ने बताया कि शनिवार रात करीब 10 बजे वह पत्नी गुड़िया (35) को 102 एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज लेकर जा रहे थे। रास्ते में तिंदवारा के पास पत्नी का प्रसव हो गया। इसके बाद वे सीधे मेडिकल कॉलेज पहुंचे। घटना से परिवार में आक्रोश है। रास्ते में हुआ प्रसव, मृत पैदा हुआ बच्चा गणेश के मुताबिक, रात करीब 11 बजे मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर पत्नी को लेबर रूम में भर्ती कराया गया। वहां बच्चे का जन्म मृत अवस्था में हुआ। रात करीब 12 बजे अस्पताल कर्मियों ने नवजात को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। इसके बाद परिवार के लोग परिसर में ही बच्चे को लेकर बैठे रहे। रात 3 बजे नींद खुली तो बच्चा गायब मिला गणेश ने बताया कि उनके साथ भाभी मीरा और बहू ऊषा भी थीं। बच्चा दोनों महिलाओं के बीच में सो रहा था। रात करीब 3 बजे गणेश और अन्य परिजनों को झपकी लग गई। कुछ देर बाद नींद खुली तो बच्चा वहां नहीं था। परिवार ने आसपास तलाश की तो करीब 50 मीटर दूर उसके अवशेष मिले। सिर और धड़ नहीं थे। दोनों हाथ एक जगह पड़े थे, जबकि दोनों पैर करीब 20 मीटर दूर मिले। परिजनों का आरोप- कुत्ते उठा ले गए बच्चा परिजनों का आरोप है कि परिसर में घूम रहे कुत्ते नवजात को उठाकर ले गए और उसे नोंच डाला। गणेश ने बताया कि इससे पहले उनकी एक बेटी हुई थी, जिसकी तीन साल की उम्र में मौत हो गई थी। पांच साल पहले निजी अस्पताल में जन्मी बेटी का नाम ऊषा था। इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गणेश के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 7 बजे उन्होंने किसी को बताए बिना बच्चे के मिले अंगों को प्रवाहित कर दिया। प्रिंसिपल बोले- लापरवाही मिली तो होगी कार्रवाई मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल सुशील कौशल ने बताया कि घटना की जानकारी उन्हें नहीं थी। उन्होंने कहा कि मृत शिशु को परिजनों के सुपुर्द करने की प्रक्रिया है। इसके बाद परिवार अपने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम प्रक्रिया पूरी करता है। कॉलेज परिसर में सुरक्षा के लिए गार्ड और सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। स्टाफ को मरीजों की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने के निर्देश दिए जाते हैं। मामले में किसी की लापरवाही सामने आई तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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