रिपोर्ट- ट्रम्प रक्षा मंत्री हेगसेथ को हटा सकते हैं:ईरान पर हमला करने के लिए उकसाया था, 8 महीने बाद भी खत्म नहीं हुई जंग
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को पद से हटा सकते हैं। अमेरिकी मैगजीन 'द अटलांटिक' की रिपोर्ट के मुताबिक, हेगसेथ ने उन्हें ईरान पर हमला करने के लिए उकसाया था। रिपोर्ट के मुताबिक हेगसेथ ने ट्रम्प को भरोसा दिलाया था कि युद्ध कुछ ही महीने में खत्म हो जाएगा। हालांकि, 8 महीने बाद भी जंग जारी है। अब ट्रम्प यह तय करने में जुटे हैं कि यह युद्ध इतना लंबा खिंचने की पीछे कौन जिम्मेदार है। ट्रम्प ने सेना प्रमुख के कामकाज पर भी सवाल उठाए ट्रम्प ने अपने कुछ करीबी सहयोगियों से रक्षा मंत्री हेगसेथ और अमेरिकी सेना के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन के कामकाज के बारे में राय ले रहे हैं। हेगसेथ और केन युद्ध को लेकर ट्रम्प के प्रमुख सलाहकार रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस के कई लोग हेगसेथ को पसंद नहीं करते। ट्रम्प के कुछ करीबी लोगों का मानना है कि हेगसेथ युद्ध की असली स्थिति राष्ट्रपति को नहीं बता रहे। वे उन्हें खुश रखने के लिए युद्ध की तस्वीर अच्छी दिखाते हैं। ट्रम्प के एक करीबी सलाहकार ने कहा, 'हेगसेथ राष्ट्रपति को वही बताने में माहिर हैं, जो वे सुनना चाहते हैं।' हालांकि, पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने इन आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि हेगसेथ राष्ट्रपति और व्हाइट हाउस के वरिष्ठ अधिकारियों को सैन्य कार्रवाई की पूरी जानकारी देते हैं। ट्रम्प को मिडटर्म चुनाव में नुकसान का डर ट्रम्प को लगता है कि ईरान युद्ध का असर मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की जीत पर पड़ रहा है। व्हाइट हाउस में भी प्रतिनिधि सभा में हार और सीनेट में बहुमत खोने की आशंका जताई जा रही है। ट्रम्प इससे नाराज हैं। वे अपनी राजनीतिक मुश्किलों के लिए युद्ध को जिम्मेदार मान रहे हैं। अब वे उन लोगों की जवाबदेही तय करना चाहते हैं, जिन्होंने उन्हें जल्दी जीत का भरोसा दिया था। पिछले हफ्ते हेगसेथ और जनरल डैन केन ने ट्रम्प और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को युद्ध से जुड़े कई विकल्प बताए। इनका मकसद ऐसी स्थिति बनाना था, जिसमें ट्रम्प जीत का ऐलान कर सकें। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर भी इस बैठक में शामिल हुए। लगातार हमलों के बाद भी ईरान झुकने को तैयार नहीं फरवरी के आखिर में अमेरिका और इजराइल ने कई हफ्तों तक ईरान पर हमले किए थे। इसके बाद हुए छोटे हमलों से भी ईरान का रुख और सख्त हुआ। उसने क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और सहयोगी देशों पर जवाबी कार्रवाई की। अगर नया हमला होता है तो अमेरिका के हथियारों का भंडार पर इसका असर साफ नजर आ सकता है। स्टिमसन सेंटर थिंक टैंक के विशेषज्ञ माइकल कोहेन ने कहा कि अगर नए हमलों के बाद भी ईरान पीछे नहीं हटता, तो इससे अमेरिका की सैन्य ताकत की सीमाएं सामने आ जाएंगी। उन्होंने सवाल उठाया, 'आप लगातार हमले करते रहेंगे और ईरान पीछे नहीं हटेगा, तो फिर क्या करेंगे.. हमले और बढ़ाते जाएंगे?' ट्रम्प का भरोसा जीतने के लिए हेगसेथ की कार्रवाई हेगसेथ ने ट्रम्प की नजरों में अपनी छवि मजबूत करने के लिए मीडिया में गोपनीय जानकारी लीक करने के शक में अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। पिछले हफ्ते उन्होंने ज्वाइंट स्टाफ के प्लानिंग डायरेक्टर लेफ्टिनेंट जनरल ब्रेट सिल्विया को पद से हटा दिया। पेंटागन के अधिकारियों के मुताबिक, ईरान युद्ध और हथियारों की कमी से जुड़ी खबरें लीक होने के बाद यह कार्रवाई की गई। हेगसेथ का मानना है कि जनरल डैन केन के अधीन काम करने वाले ज्वाइंट स्टाफ में गोपनीय जानकारी लीक हो रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, वे अपने करीबी लोगों के सामने खुद को ऐसे अधिकारी के रूप में पेश करते हैं, जो हर हाल में राष्ट्रपति का साथ देते हैं। यह बात ट्रम्प को पसंद आती है। वे अपने पहले कार्यकाल से ही पेंटागन के वरिष्ठ अधिकारियों की वफादारी पर शक करते रहे हैं। उन्हें लगता है कि कुछ अधिकारी उनके प्रति पूरी तरह वफादार नहीं हैं। -------------------------- यह खबर भी पढ़ें… ट्रम्प की नेतन्याहू से फोन पर बात: बाद में बोले- ईरान के 1-2 ठिकाने उड़ाने बाकी, रिपोर्ट- अमेरिका 4 नवंबर को हमला कर सकता है अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से शनिवार को फोन पर बातचीत की। यह जानकारी वॉल स्ट्रीट जर्नल ने दी। पूरी खबर पढ़ें…
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)