मुजफ्फरनगर के बेहड़ा अस्सा की आन्या सैनी बनी ‘गोल्डन गर्ल’:जू-जित्सु में चमकाया नाम, 13 साल की खिलाड़ी ने नोएडा में जीते गोल्ड और ब्रॉन्ज मेडल

Oct 28, 2026 - 09:33
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मुजफ्फरनगर के बेहड़ा अस्सा की आन्या सैनी बनी ‘गोल्डन गर्ल’:जू-जित्सु में चमकाया नाम, 13 साल की खिलाड़ी ने नोएडा में जीते गोल्ड और ब्रॉन्ज मेडल
मुजफ्फरनगर के बेहड़ा अस्सा गांव की 13 वर्षीय आन्या सैनी ने जू-जित्सु में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए एक स्वर्ण और एक कांस्य पदक जीता है। नोएडा के प्रेसीडियम स्कूल में 24 और 25 अक्टूबर को आयोजित उत्तर प्रदेश जू-जित्सु प्रतियोगिता में 36 किलोग्राम भार वर्ग में आन्या ने यह उपलब्धि हासिल की। बुधवार सुबह करीब 8 बजे घर पहुंचने पर परिवार में खुशी का माहौल रहा। कम उम्र में लगातार पदक जीतने के कारण आन्या को जिले में ‘गोल्डन गर्ल’ के नाम से पहचान मिल रही है। आन्या बेहड़ा अस्सा गांव निवासी सेना में कार्यरत सुनील सैनी की बेटी हैं। उनके दादा का नाम विपिन सैनी है। आन्या सहारनपुर के आशा मॉडर्न इंटरनेशनल स्कूल में कक्षा सात की छात्रा हैं। पढ़ाई के साथ जू-जित्सु में उनकी रुचि और नियमित मेहनत ने उन्हें कम उम्र में ही अलग पहचान दिलाई है। उनकी उपलब्धियों से परिवार के साथ गांव के लोग भी गौरवान्वित हैं। 2024 में जीता था पहला स्टेट लेवल गोल्ड आन्या की पदक जीतने का सिलसिला वर्ष 2024 की स्टेट लेवल जू-जित्सु चैंपियनशिप से शुरू हुआ था। इसमें उन्होंने स्वर्ण पदक जीता। वर्ष 2025 की स्टेट लेवल चैंपियनशिप में दो गोल्ड मेडल अपने नाम किए। वर्ष 2026 की नॉर्थ जोन जू-जित्सु चैंपियनशिप में भी उन्होंने दो स्वर्ण पदक जीते। इसके अलावा CBSE गेम्स 2024 में कांस्य पदक हासिल किया था। अब उत्तर प्रदेश प्रतियोगिता में एक गोल्ड और एक ब्रॉन्ज जीतकर उन्होंने अपनी उपलब्धियों में एक और अध्याय जोड़ दिया है। बेटी की सफलता पर माता-पिता को गर्व आन्या के पिता सुनील सैनी ने कहा कि उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है। आन्या ने परिवार, गांव और जिले का मान बढ़ाया है। वहीं, मां रीता सैनी का कहना है कि बेटी उनके सपनों को साकार कर रही है। वह चाहती हैं कि आन्या इसी तरह आगे बढ़े और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक हासिल करे। नेशनल और इंटरनेशनल गेम्स में गोल्ड जीतने का सपना आन्या का सपना अपने माता-पिता की उम्मीदों को पूरा करना है। उसने बताया कि वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल जीतना चाहती है। कम उम्र में मिली सफलताओं ने उसका हौसला बढ़ाया है। अब उसकी नजरें आगामी प्रतियोगिताओं पर हैं, जिनके लिए वह अपने प्रदर्शन को और बेहतर बनाने की तैयारी कर रही है।

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