मुरादाबाद जिला अस्पताल के फीवर वार्ड में किशोरी का प्रसव:तेज बुखार और एनीमिया के कारण संभल से मुरादाबाद जिला अस्पताल रेफर किया गया था
मुरादाबाद के जिला अस्पताल के फीवर वार्ड में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब गंभीर बीमारी और खून की अत्यधिक कमी के इलाज के लिए भर्ती कराई गई एक 17 वर्षीय अविवाहित किशोरी का अचानक प्रसव हो गया। किशोरी ने पांच माह के एक मृत बच्चे को जन्म दिया। हैरान करने वाली बात यह है कि तीन दिनों से इलाज कर रहे डॉक्टरों और साथ में रह रहे परिजनों में से किसी को भी किशोरी के गर्भवती होने की भनक तक नहीं थी। प्रसव के बाद किशोरी की हालत बेहद नाजुक होने के कारण उसे आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है और उच्च केंद्र रेफर करने की तैयारी की जा रही है। संभल जनपद के रफातपुरा निवासी एक 17 वर्षीय अविवाहित किशोरी को बीते 24 अक्टूबर को तेज बुखार और गंभीर एनीमिया के कारण संभल से मुरादाबाद जिला अस्पताल रेफर किया गया था। अस्पताल के फीवर वार्ड में उसका उपचार चल रहा था। जांच रिपोर्ट में उसका हीमोग्लोबिन स्तर महज 4 ग्राम प्रति डेसीलीटर पाया गया, जबकि प्लेटलेट्स गिरकर 20 हजार और टीएलसी 2000 रह गई थी। डॉक्टरों के मुताबिक, इतनी कम मात्रा में खून होने के कारण मरीज पहले से ही जीवन और मौत के बीच जूझ रही थी। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, अत्यधिक शारीरिक कमजोरी और सूजन के चलते बाहर से उसकी गर्भावस्था का पता नहीं चल पा रहा था। मंगलवार को किशोरी के पेट में तेज दर्द उठने पर डॉक्टर शाम के समय उसका अल्ट्रासाउंड कराने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उसे प्रसव पीड़ा हुई और उसने वार्ड में ही मृत बच्चे को जन्म दे दिया। किशोरी की चीख सुनकर डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची और आनन-फानन में महिला अस्पताल से स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ को बुलाया गया, जिन्होंने नाल काटने सहित जरूरी चिकित्सकीय प्रक्रियाएं पूरी कीं। इस घटना से अस्पताल प्रबंधन में खलबली मच गई है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि किशोरी की मां 24 अक्टूबर से ही उसके साथ अस्पताल में मौजूद थी, लेकिन उसने या परिवार के किसी अन्य सदस्य ने डॉक्टरों को लड़की के गर्भवती होने की कोई जानकारी नहीं दी थी। प्रसव के बाद परिजनों ने लोक-लाज के डर से मृत नवजात का शव लेने से साफ मना कर दिया। स्थिति को बिगड़ता देख अस्पताल प्रशासन ने तत्काल सिविल लाइंस थाना पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस की मौजूदगी में ही पंचनामा कर बच्चे के शव को परिजनों के सुपुर्द किया गया। चिकित्सकों के अनुसार, प्रसव के बाद किशोरी की जटिलताएं और अधिक बढ़ गई हैं। जांच में उसकी किडनी में गंभीर संक्रमण पाया गया है और क्रिएटिनिन का स्तर भी खतरे के निशान से ऊपर है। उसकी बेहद नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे फीवर वार्ड से इमरजेंसी के आईसीयू में शिफ्ट किया है। डॉक्टरों की एक विशेष टीम उसकी निगरानी कर रही है और हालत में थोड़ा सुधार होते ही उसे बेहतर इलाज के लिए मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर करने की पूरी तैयारी कर ली गई है।
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