'पापा को जान से न मारते...टांग में गोली मार देते':बेटी बोली- पुलिस मेरे सामने पापा को चादर ओढ़ाकर उठा ले गई; एटा में एनकाउंटर हुआ था
‘हमारे पापा को जान से नहीं मारते, चाहे दोनों टांगों में गोली मार देते...। सीने में गोली मारने का, जान लेने का अधिकार किसी को नहीं होता। तुम भी इंसान हो, वो भी इंसान थे। पुलिस ने मेरे सामने से पापा को उठाया था, फिर वो नहीं मिले।’ यह कहना है उस बेटी का, जिसके पिता वीरेंद्र सिंह का एटा पुलिस ने मंगलवार (27 अक्टूबर) को एनकाउंटर कर दिया था। वीरेंद्र 1 लाख का इनामी था और उस पर 53 केस थे। घरवालों का आरोप है कि पुलिस ने गिरफ्तार करने के बाद गोली मारी है। बुधवार (28 अक्टूबर) को शव मैनपुरी पहुंचा, पूरे घर में चीख-पुकार मच गई। दैनिक भास्कर की टीम ने वीरेंद्र सिंह की पत्नी और बेटी से बात की। पढ़िए रिपोर्ट… पहले मामला समझिए… एटा में 27 अक्टूबर को पुलिस ने मुठभेड़ में एक लाख के इनामी बदमाश वीरेंद्र (45) को मार गिराया। फायरिंग के दौरान वीरेंद्र के सीने में गोली लगी। इस दौरान उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया। मुठभेड़ में एक पुलिसकर्मी भी घायल हो गया। पुलिस ने मौके से पिस्टल, कारतूस और चोरी की बाइक बरामद की। वीरेंद्र ने अलीगंज में 22 अक्टूबर को ज्वेलर संजय यादव से लूट की थी। मैनपुरी का रहने वाला था वीरेंद्र वीरेंद्र मूल रूप से मैनपुरी जिले के हरचंदपुर का रहने वाला था। वीरेंद्र के परिवार में पत्नी सुमन के अलावा 5 बच्चे हैं। तीन बेटियां नीलम (21), पूनम (17), निशा (15) और दो बेटे देव (13), लव (8) हैं। उसके खिलाफ कई जिलों में 53 मुकदमे दर्ज थे। इनमें से 32 मुकदमे मैनपुरी में ही दर्ज हैं। वीरेंद्र के भाई पर भी 25 मुकदमे दर्ज हैं। वीरेंद्र की पत्नी सुमन भी लूट के मामले में जेल जा चुकी है। घरवालों ने बताया कि बड़ी बेटी नीलम की शादी के लिए फिरोजाबाद में एक लड़का देखा गया था। बात लगभग पक्की हो गई थी। 25 अक्टूबर को परिवार वाले लड़के (गौरव) के घर गए हुए थे। आरोप है कि पुलिस ने वहीं से वीरेंद्र को चादर ओढ़ाकर एक गाड़ी में बैठा लिया। जबकि परिवार के बाकी लोगों को दूसरी गाड़ी में बैठाकर ले जाया गया। अब पढ़िए बेटी ने क्या बताया… वीरेंद्र की मौत के बाद बेटी नीलम का रो-रोकर बुरा हाल है। नीलम ने बताया- मेरी शादी के लिए फिरोजाबाद में लड़का देखा गया था। हम लोग वहीं गए थे। लड़का पसंद भी आ गया था। सब तय हो चुका था। 25 अक्टूबर को सुबह 9.30 बजे पुलिस फोर्स हमारे घर पर आकर रुका। उसमें महिला पुलिसकर्मी भी थीं। मेरे सामने पापा के ऊपर चादर डाली और उन्हें गाड़ी में बैठा लिया। हम लोग हाथ जोड़ते रहे कि पापा को छोड़ दो, उनका कोई कसूर नहीं है। इसके बावजूद हमारे घर के 5 लोगों को दूसरी गाड़ी में डाल लिया गया। उसके बाद हमें पापा नहीं मिले। पुलिस ने रिश्तेदारों को भी नहीं छोड़ा। यहां तक कि जिस लड़के (गौरव) को देखने गए थे, उसे भी पुलिस कस्टडी में रखा गया। बोली- सारे कागज तैयार थे, अचानक गोली मारने की खबर आई हम लोग पूछने जाते थे, तो इधर-उधर भटकाते रहे। हम लोग पूछते रहे कि पापा को कब छोड़ेंगे? सारे कागजों पर साइन हो चुके थे और छोड़ने का समय भी हो गया था। लेकिन, अचानक खबर आई कि पापा को गोली मार दी है। पुलिस ने अभी भी मेरे मामा राजेश-नीलेश और गौरव को नहीं छोड़ा है। नीलम का कहना है कि अगर गोली मारनी ही थी तो टांग में मार देते, लेकिन हमारे पापा को जान से न मारते। पुलिस ने हम लोगों को धमकी दी है कि अगर ज्यादा हंगामा किया, तो झूठा केस लगाकर जेल में डाल देंगे। पत्नी बोली- मेरे सामने चादर ओढ़ाकर ले गए वीरेंद्र की पत्नी सुमन ने बताया- हम बेटी के लिए लड़का देखने फिरोजाबाद गए थे। तभी बहुत सारी पुलिस आ गई। हम सब साथ ही थे। पुलिस ने हमें और बिटिया को पकड़ लिया। पुलिस वाले कहने लगे कि इन्हें पकड़कर दूसरी गाड़ी में बैठा लो। हम पूछते रहे कि क्या हुआ है? लेकिन, उन्होंने चादर ओढ़ाकर हमें गाड़ी में बैठाया और ले गए। पुलिस ने लड़के को भी पकड़ लिया। मेरे दो भाई और गौरव अभी भी पुलिस कस्टडी में हैं। पता नहीं पुलिस ने उन्हें क्यों बैठा रखा है? वे कह रहे हैं कि जब तक अंतिम संस्कार नहीं हो जाता, तब तक नहीं छोड़ेंगे। गांव में पुलिस फोर्स तैनात एटा में पोस्टमॉर्टम के बाद बुधवार शाम 4 बजे शव मैनपुरी पहुंचा। शव पहुंचते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। गांव में पुलिस फोर्स तैनात किया गया था। गांव के बाहर खेत में अंतिम संस्कार किया गया। 13 साल के बेटे ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। ज्वेलर से लूट के बाद एडीजी ने 1 लाख इनाम रखा था पुलिस के अनुसार, वीरेंद्र ने एटा के अलीगंज में ज्वेलर संजय यादव से लूट की थी। संजय की मेवाती मोहल्ले में मां सरस्वती ज्वेलर्स के नाम से दुकान है। 22 अक्टूबर को बदमाशों ने इसी दुकान से 10 किलो चांदी, 250 ग्राम सोना और एक लाख रुपए लूट लिए थे। पुलिस ने बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए 6 टीमें लगाई थीं। एडीजी आगरा जोन एसके भगत ने 25 अक्टूबर को वीरेंद्र पर एक लाख रुपए का इनाम रखा था। वीरेंद्र ने 21 अक्टूबर को उन्नाव में एक बाइक चोरी की थी। अगले दिन अलीगंज में ज्वेलर से लूट करने में इसी बाइक का इस्तेमाल किया था। कोतवाली इंस्पेक्टर फतेह बहादुर सिंह भदौरिया ने बताया- शांति व्यवस्था के लिए पुलिस तैनात की गई थी। पुलिस की निगरानी में अंतिम संस्कार करा दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। -------------------------- यह खबर भी पढ़ें… गाजियाबाद में 1 लाख का इनामी धर्मेंद्र 'टिड्डी' ढेर, दोनों तरफ से 15 राउंड फायरिंग हुई गाजियाबाद पुलिस ने एक लाख के इनामी धर्मेंद्र ‘टिड्डी’ उर्फ बावरिया को एनकाउंटर में मार गिराया। मुठभेड़ बुधवार शाम साढ़े 6 निवाड़ी क्षेत्र में गंग नहर पटरी पर हुई। एनकाउंटर में दोनों ओर से 15 राउंड गोलियां चलीं। इसमें दो गोलियां धर्मेंद्र को लगीं, जबकि उसके 2 साथी फरार हो गए। पढ़ें पूरी खबर…
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