फेक ईमेल बेचने में 6 लोग ATS की रडार में:कानपुर के अंकित ने सोशल सीखा फर्जी मेल बनाने का तरीका

Nov 05, 2026 - 07:11
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फेक ईमेल बेचने में 6 लोग ATS की रडार में:कानपुर के अंकित ने सोशल सीखा फर्जी मेल बनाने का तरीका
देश विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों को ईमेल बेचकर डॉलर में कमाने वाले अंकित संखवार के साथ आधा दर्जन और लोग इस धंधे में शामिल है, जो अंकित की गिरफ्तारी के बाद एटीएस की रडार पर आ गए हैं। एटीएस की जांच में यह भी पता चला है कि अंकित ने सोशल मीडिया और वीडियो के जरिए इस धंधे के बारे में जानकारी जुटाई थी। अंकित के साथ जुड़े लोगों के अलावा एटीएस ने उन चार लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई है, जिन्होंने खालिस्तान नेशनल आर्मी के नाम से दिल्ली और नोएडा में धमकी भरे ईमेल भेजे थे। 28 अक्टूबर को ATS ने किया था गिरफ्तार बीती 28 अक्टूबर को एटीएस ने मूलरूप से घाटमपुर के अनोइया गांव निवासी अंकित संखवार को देहली सुजानपुर के सखरापुर से गिरफ्तार किया था। एटीएस की जांच में आया कि वो बीते चार साल से फर्जी ईमेल आईडी बेचने का काम कर रहा था। उसके पास से एटीएस को पांच लाख फेक ईमेल आईडी मिली थी, साथ ही मोबाइल में हजारों डॉलर के ट्रांजेक्शन पाए गए। 6 और लोग कर रहे थे अंकित की मदद एटीएस ने जांच शुरू की तो पता चला कि अंकित के पाकिस्तान और बांग्लादेश के युवकों से संबंध सामने आए थे, साथ ही एटीएस को चार सालों में अंकित की कई इंटरनेशनल कॉल भी मिली। जो पड़ोसी मुल्कों समेत कई देशों में की गई थी। जांच में एक और बात सामने आयी है, कि अंकित संखवार की मदद करने वालों में छह और लोग शामिल है। एटीएस सूत्रों के मुताबिक यह लोग अंकित के साथ काम कर रहे थे। इसमें से कुछ लोग उसके साथ ईमेल आईडी बेचने का काम संभालते थे और कुछ उन साइट्स के बारे में जानकारी देते थे, जहां से ईमेल आईडी बेची जा सकती थी। एटीएस सूत्रों के मुताबिक अंकित और बाकी के लोग ऑनलाइन एक दूसरे के संपर्क में रहते थे। इसे लेकर उसके मोबाइल और ईमेल आईडी पर एटीएस को पुख्ता सबूत मिले हैं। सूत्रों के मुताबिक ईमेल बेचने के धंधे के बारे में पहले एक अन्य से सीखने के बाद अंकित ने सोशल मीडिया और वीडियो देखकर पूरी जानकारी जुटाई थी खालिस्तान का नाम ले भेजी थी धमकी भरी ईमेल एटीएस सूत्रों के मुताबिक चार ऐसे लोगों की जानकारी मिली है जिन्होंने खालिस्तान नेशनल आर्मी का नाम लेकर दिल्ली और नोएडा में धमकी भरे ईमेल भेजे थे। सूत्र बताते हैं कि यह सभी लोग रडार पर है और बहुत जल्द पकड़े जाने की भी सम्भावना है। अंकित के क्रिप्टो खातों में एटीएस को कई ट्रांजेक्शन के बारे में जानकारी और मिली है जिसे डीकोड किया जा रहा है। यह आंकड़ा एक लाख डॉलर के ऊपर जा सकता है।

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