प्रयागराज में पेंशनरों का धरना प्रदर्शन:मेडिकल क्लेम ऑनलाइन फैसले नाराजगी, ऑफलाइन विकल्प बहाली की मांग

Nov 02, 2026 - 16:38
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प्रयागराज में पेंशनरों का धरना प्रदर्शन:मेडिकल क्लेम ऑनलाइन फैसले नाराजगी, ऑफलाइन विकल्प बहाली की मांग
प्रयागराज के पत्थर गिरिजाघर स्थित धरना स्थल पर कर्मचारी एवं पेंशनर एसोसिएशन ने सोमवार को धरना प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पेंशनरों एवं कर्मचारियों के चिकित्सीय दावों (मेडिकल क्लेम) को केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाने के फैसले के खिलाफ पेंशनरों में नाराजगी है। जिसको लेकर जिला अध्यक्ष आर. पी. पांडे ने कहा कि शासन द्वारा चिकित्सा दावों को ऑनलाइन स्वीकार करने का आदेश जारी किया गया है। जबकि जमीनी हकीकत यह है कि वर्ष 2016 से पहले सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों का डाटा ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध ही नहीं है। पेंशनरों की पीपीओ (PPO) व्यवस्था 2016 के बाद से डिजिटल हुई है, जिससे पुराने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के ऑनलाइन आवेदन दर्ज नहीं हो पा रहे हैं। बुजुर्ग पेंशनरों को हो रही भारी परेशानी एसोसिएशन ने कहा कि 70 से 100 वर्ष की आयु के बुजुर्ग पेंशनर कंप्यूटर और स्मार्टफोन तकनीक से अनभिज्ञ हैं। कार्यालयों में भी कोई वैकल्पिक सुविधा न होने के कारण वृद्ध पेंशनरों को साइबर कैफे और सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इसके चलते उनके मेडिकल बिलों के भुगतान रुके पड़े हैं और उन्हें इलाज कराने में गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। सहमति के बावजूद जारी हुआ आदेश रिटायर्ड आईएएस अधिकारी आर एस वर्मा का कहना है कि 28 सितंबर को अपर मुख्य सचिव (वित्त) की अध्यक्षता में हुई पेंशनर सलाहकार समिति की बैठक में यह आम सहमति बनी थी कि समस्या का स्थायी समाधान होने तक ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम जारी रहेंगे। इस बैठक में एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष अमरनाथ यादव भी मौजूद थे। इसके बावजूद 8 अक्टूबर को चिकित्सा विभाग द्वारा दोबारा केवल ऑनलाइन दावे स्वीकार करने का आदेश जारी कर दिया गया, जिससे पेंशनरों में रोष फैल गया। पेंशनरों की मांग संगठन ने सरकार से ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन बिल जमा करने का विकल्प भी बहाल करने की मांग की है। उनका कहना है कि अधिकांश पेंशनर वृद्ध हैं और डिजिटल प्रक्रिया से परिचित नहीं हैं; इससे उनके चिकित्सा दावे अटक रहे हैं और इलाज प्रभावित हो रहा है।

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