रिश्वत लेते प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का जेई गिरफ्तार:नोटिस पर कार्रवाई रोकने के लिए मांगे थे एक लाख रुपये, विजिलेंस ने बांदा में रंगे हाथ पकड़ा
उत्तर प्रदेश के बांदा में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जेई को एक लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि क्रेशर प्लांट संचालक को जारी नोटिस पर कार्रवाई नहीं करने के बदले रिश्वत मांगी गई थी। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस की झांसी सेक्टर टीम ने जाल बिछाया और आरोपी को रंगे हाथ पकड़ लिया। आईजी विजिलेंस मंजिल सैनी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी का नाम सलमान है। वह बांदा स्थित क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय में जेई के पद पर तैनात है। शिकायतकर्ता क्रेशर प्लांट के संचालक ने 18 जून को क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय, बांदा से संबंधित अनुमति और प्रमाणपत्र के मामले में संपर्क किया था। इसके बाद प्लांट को लेकर नोटिस जारी होने और उस पर कार्रवाई की आशंका के बीच शिकायतकर्ता से अधिकारियों ने संपर्क किया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि वह क्षेत्रीय अधिकारी माधवी कमलेश से मिला था। उन्होंने उसे जेई सलमान से मिलने के लिए कहा। इसके बाद जेई से संपर्क करने पर नोटिस पर कार्रवाई नहीं करने के बदले एक लाख रुपए की मांग की गई। शिकायतकर्ता ने रकम अधिक होने की बात कही तो सलमान ने कहा कि इससे कम में काम नहीं हो सकता। विजिलेंस को मिली इस शिकायत के बाद विजिलेंस ने इसकी गोपनीय जांच कराई और आरोप सही पाए जाने के बाद ट्रैप टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई। सोमवार को शिकायतकर्ता से एक लाख रुपए की रिश्वत लेते समय जेई सलमान को गिरफ्तार कर लिया गया। विजिलेंस की ओर से जारी प्रेस नोट में बताया गया कि आरोपी के खिलाफ झांसी सेक्टर के थाना सतर्कता अधिष्ठान में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। आगरा में भी बिजली विभाग का जेई व ठेकेदार गिरफ्तार उधर, आगरा में भी विजिलेंस की टीम ने नए बिजली कनेक्शन के नाम पर 10 हजार रुपये रिश्वत लेते एक जेई व ठेकेदार को गिरफ्तार कियाग है। जेई का नाम विनेश यादव और ठेकेदार का नाम लोकेंद्र सिंह है। मामला फतेहाबाद क्षेत्र के विद्युत उपखंड शमसाबाद का है। यहां शिकायतकर्ता अर्जुन ने शमसाबाद के मोहल्ला टोला में नया मकान बनवाया था। इसके लिए उन्होंने 24 अक्टूबर को नए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। शिकायत के अनुसार, नए कनेक्शन के संबंध में विद्युत उपखंड के कर्मचारी मौके पर निरीक्षण करने पहुंचे थे। कनेक्शन की प्रक्रिया के बारे में पूछने पर उन्होंने शिकायतकर्ता को अवर अभियंता विनेश यादव से संपर्क करने के लिए कहा। इसके बाद शिकायतकर्ता ने उनसे संपर्क किया तो कनेक्शन पास कराने के बदले 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई। सोमवार को टीम ने शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम देते समय आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
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