सहारनपुर में साइबर ठगी के 7.30 लाख अकाउंट में आए:गृह मंत्रालय के हॉटस्पॉट अलर्ट के बाद दिल्ली और महाराष्ट्र की साइबर यूनिट में दर्ज तीन शिकायतों के आधार पर FIR
सहारनपुर में साइबर ठगी के करीब 7.30 लाख रुपये यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की छुटमलपुर शाखा में संचालित एक बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए। गृह मंत्रालय के हॉटस्पॉट अलर्ट में खाता चिन्हित होने के बाद पुलिस ने जांच की। जांच में सामने आया कि खाते में धोखाधड़ी से प्राप्त रकम आने के बाद उसी दिन चेक के जरिए निकाल ली गई। पुलिस ने खाते के धारक कमरान निवासी खुजनावर मुस्त, थाना फतेहपुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। जांच में खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को खपाने के लिए किए जाने की आशंका जताई गई है। तीन शिकायतों में सामने आया खाते का इस्तेमाल पुलिस के अनुसार, गृह मंत्रालय की ओर से 21 सितंबर से 27 सितंबर 2026 के बीच जारी हॉटस्पॉट अलर्ट में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की छुटमलपुर शाखा के एक खाते को चिन्हित किया गया था। जिसके खिलाफ साइबर अपराध से जुड़ी तीन शिकायतें दर्ज मिलीं। इनमें एक शिकायत दिल्ली की स्पेशल सेल और दो शिकायतें महाराष्ट्र के अंधेरी ईस्ट साइबर यूनिट में दर्ज हैं। शिकायतों की जांच के दौरान संबंधित बैंक से खाते की केवाईसी प्राप्त की गई। इसमें खाता कमरान पुत्र जरीन, निवासी गांव खुजनावर मुस्त, थाना फतेहपुर, जिला सहारनपुर के नाम पर दर्ज मिला। पुलिस ने खाते को समन्वय पोर्टल पर चेक किया तो तीनों शिकायतों में साइबर ठगी की रकम इस खाते में आने की जानकारी मिली। एक ही दिन में चेक से निकाली गई रकम जांच रिपोर्ट के अनुसार, पहली शिकायत दिल्ली की स्पेशल सेल में दर्ज है। इसमें 19 सितंबर 2026 को खाते में 3 लाख 58 हजार 500 रुपये साइबर ठगी के जरिये ट्रांसफर किए गए। यह रकम लेयर-2 के माध्यम से खाते में पहुंची थी। आरोप है कि खाताधारक ने उसी दिन यूनियन बैंक की छुटमलपुर शाखा से चेक संख्या 752234 के जरिए पूरी रकम निकाल ली। दूसरी शिकायत महाराष्ट्र के अंधेरी ईस्ट साइबर यूनिट में दर्ज है। इसमें 19 सितंबर को ही खाते में 4 लाख रुपये धोखाधड़ी के जरिये आए। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, यह रकम भी उसी दिन चेक के माध्यम से बैंक शाखा से निकाल ली गई। तीसरी शिकायत भी महाराष्ट्र के अंधेरी ईस्ट साइबर यूनिट में दर्ज मिली। पुलिस के अनुसार, तीनों शिकायतों में संबंधित बैंक खाते में करीब 7 लाख 30 हजार रुपये की साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर होना सामने आया है। एनसीआरपी पोर्टल पर भी खाते के विरुद्ध इतनी ही धनराशि की शिकायतें प्रदर्शित हो रही हैं। साइबर अपराधियों के साथ मिलीभगत का आरोप पुलिस की जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया सामने आया कि खाताधारक ने अज्ञात साइबर अपराधियों के साथ मिलकर कथित तौर पर योजनाबद्ध तरीके से साइबर ठगी की रकम अपने खाते में मंगाई। रिपोर्ट में फर्जी एप, ग्रुप, वेबसाइट और लिंक तैयार कर उनके माध्यम से साइबर अपराध करने की आशंका जताई गई है। जांच में यह भी कहा गया है कि खाते का इस्तेमाल साइबर अपराध से प्राप्त धनराशि को ट्रांसफर करने और तत्काल निकालने के लिए किया गया। पुलिस ने इसे म्यूल खाते के जरिए साइबर अपराध को बढ़ावा देने का मामला माना है। म्यूल खाते ऐसे बैंक खाते होते हैं, जिनका इस्तेमाल साइबर अपराध से प्राप्त रकम को एक खाते से दूसरे खाते में भेजने या निकालने के लिए किया जाता है। कई मामलों में खाताधारक खुद रकम निकालता है, जबकि कुछ मामलों में खाते का इस्तेमाल दूसरे साइबर अपराधियों द्वारा किया जाता है। फतेहपुर थाने में मुकदमा दर्ज गृह मंत्रालय के हॉटस्पॉट अलर्ट के आधार पर की गई जांच में सामने आए तथ्यों के बाद पुलिस ने कमरान पुत्र जरीन निवासी खुजनावर मुस्त, थाना फतेहपुर के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस की रिपोर्ट में कहा गया है कि संबंधित बैंक खाते के माध्यम से साइबर ठगी की करीब 7 लाख 30 हजार रुपये की धनराशि का लेनदेन किया गया। खाते में धोखाधड़ी से प्राप्त रकम आने और उसी दिन चेक के जरिए निकाले जाने के तथ्यों को जांच का आधार बनाया गया है। मामले में पुलिस की ओर से आगे की जांच की जा रही है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)