सीतापुर की दरी के लिए क्रेता-विक्रेता सम्मेलन:जापान, जर्मनी, फिनलैंड समेत 9 देशों के खरीदार पहुंचे, मंत्री भूपेंद्र चौधरी बोले- बिचौलियों का खत्म होगा काम

Oct 24, 2026 - 16:48
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सीतापुर की दरी के लिए क्रेता-विक्रेता सम्मेलन:जापान, जर्मनी, फिनलैंड समेत 9 देशों के खरीदार पहुंचे, मंत्री भूपेंद्र चौधरी बोले- बिचौलियों का खत्म होगा काम
सीतापुर में एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के तहत जिले की पारंपरिक दरी को वैश्विक बाजार में नई पहचान दिलाने के लिए शनिवार दोपहर करीब 2 बजे दो दिवसीय क्रेता-विक्रेता सम्मेलन शुरू हुआ। निजी स्थान पर आयोजित सम्मेलन में नौ देशों और आठ राज्यों के खरीदार शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ करने पहुंचे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि सरकार का प्रयास कुटीर और लघु उद्योगों को विश्व बाजार में मजबूत पहचान दिलाना है। इस सम्मेलन से स्थानीय बुनकरों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से सीधे जुड़ने और अपने उत्पादों के लिए बड़ा बाजार हासिल करने का अवसर मिलेगा। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ओडीओपी योजना ने प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का काम किया है। सीतापुर की दरी बुनाई 150 से 200 वर्ष पुरानी विरासत है। सम्मेलन के आयोजन के लिए उन्होंने जिला प्रशासन की सराहना करते हुए कहा कि इससे कारीगरों, शिल्पकारों और बुनकरों को प्रोत्साहन मिलेगा। दो तस्वीरें देखें जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. ने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि सीतापुर के बुनकरों को उत्पाद बेचने के लिए बाहर न जाना पड़े, बल्कि दुनिया भर के खरीदार यहां आएं। सम्मेलन के जरिए बुनकरों को बिचौलियों से मुक्त कर सीधे बाजार से जोड़ने की पहल की गई है। 35 स्टॉलों पर दरी, बुनाई का लाइव डेमो सम्मेलन में ओडीओपी दरी के 35 प्रदर्शनी स्टॉल लगाए गए हैं। दो विशेष स्टॉलों पर पारंपरिक दरी बुनाई का सजीव प्रदर्शन किया जा रहा है। दोनों दिन करीब 500 बुनकर परिवारों की भागीदारी प्रस्तावित है। जापान, जर्मनी, फिनलैंड, इसराइल, दक्षिण अफ्रीका, पनामा, सऊदी अरब, ब्रिटेन और संयुक्त अरब अमीरात के खरीदार हिस्सा ले रहे हैं। कार्यक्रम में कारागार राज्यमंत्री सुरेश राही, स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार सिंह, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सम्मेलन में एक जनपद-एक व्यंजन योजना के तहत समोसा, पेड़ा, मिर्च पकौड़ा और मलाई मक्खन समेत स्थानीय व्यंजनों के स्टॉल भी लगाए गए हैं।

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