संजय सिंह ने लगाया मतदाता सूची में धांधली का आरोप:'राम ने यादव को मारा' जैसी एंट्री का हवाला देकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के जवाब पर जताई नाराजगी
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सोमवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर चुनाव आयोग और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने प्रदेश की वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने, काटने और मतदाताओं के विवरण में गलतियां होने का आरोप लगाते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के एक जवाब पर कड़ी आपत्ति जताई। संजय सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी लगातार मतदाता सूची में गड़बड़ियों का मुद्दा उठा रही है, लेकिन चुनाव आयोग की ओर से संतोषजनक जवाब देने के बजाय विवादित प्रतिक्रियाएं दी जा रही हैं। मतदाता सूची में गलत नाम दर्ज होने का उठाया मुद्दा संजय सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी के पूर्वांचल प्रांत अध्यक्ष राजेश यादव ने मतदाता सूची में दर्ज कुछ नामों और उनके विवरण में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठाए थे। इनमें ‘राम ने यादव को मारा’ जैसी एंट्री और मतदाताओं के नामों के साथ पिता के नाम में गलतियां शामिल थीं। उन्होंने ‘मोहम्मद इकबाल बेग’ नाम को गलत तरीके से ‘मोहम्मद इकबाल भीख मांगते हैं’ लिखे जाने का भी आरोप लगाया। संजय सिंह ने कहा कि इस तरह की गलतियां मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब मतदाता सूची में इस तरह के नाम दर्ज हो रहे हैं, तो उनकी जांच और सुधार की जिम्मेदारी किसकी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के जवाब पर जताई नाराजगी संजय सिंह ने आरोप लगाया कि राजेश यादव के सवालों के जवाब में मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा की ओर से सोशल मीडिया पर दी गई प्रतिक्रिया आपत्तिजनक थी। उनके मुताबिक, जवाब में कहा गया कि कंप्यूटर सॉफ्टवेयर जातिवादी नहीं है और गलती के दौरान जातिगत भेदभाव नहीं हुआ। संजय सिंह ने इस जवाब में अल्पसंख्यक समुदाय का जिक्र किए जाने पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के अधिकारी को ऐसे सवालों का जवाब तथ्यों और तर्कों के आधार पर देना चाहिए। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि इस तरह की टिप्पणी संवैधानिक पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है। उन्होंने मुख्य निर्वाचन अधिकारी की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। 13 लाख नाम जोड़ने और हजारों नाम काटने का आरोप आप सांसद ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में करीब 13 लाख नाम जोड़े गए हैं और बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने पीलीभीत समेत कई विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची में गड़बड़ी होने का दावा किया। संजय सिंह ने कहा कि कुछ स्थानों पर एक ही ईपीआईसी नंबर के साथ नाम बदलने और बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम काटे जाने की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पीलीभीत, बिस्वा, तरबगंज और जहानाबाद समेत कई क्षेत्रों में मतदाता सूची को लेकर सवाल उठे हैं। संजय सिंह ने चुनाव आयोग से इन मामलों का स्पष्ट जवाब देने और सूची में दर्ज गलतियों की जांच कराने की मांग की। हालांकि, नाम जोड़ने और काटने से संबंधित इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल संजय सिंह ने कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा परिस्थितियों में आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में गड़बड़ियों की शिकायतों पर कार्रवाई होनी चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। उन्होंने भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं से चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। संजय सिंह ने मांग की कि सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और मतदाता सूची में मौजूद गलतियों को तत्काल ठीक किया जाए। कार्रवाई और जवाबदेही की मांग संजय सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा लगातार उठाती रहेगी। उन्होंने मुख्य निर्वाचन अधिकारी के जवाब को अनुचित बताते हुए उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही कहा कि चुनाव आयोग को मतदाताओं के सवालों का जवाब देने के साथ यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से न काटा जाए और मतदाता सूची में किसी तरह की अनियमितता न रहे।
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