स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र:विचारों के लिए सतर्क रहें; 3 बातें ध्यान रखेंगे, तो बुरे विचारों से बच सकते हैं
हमारे जीवन में वही विचार और भाव रहने चाहिए, जो पवित्र और सभी के लिए कल्याणकारी हैं। शास्त्रों का संदेश है जो शुभ और कल्याणकारी है, वही हमारे पास हो। हमें अपने जीवन में सकारात्मकता और अच्छे संस्कारों को महत्व देना चाहिए। 1. नकारात्मक विचारों का त्याग करें। अपूज्य विचार हमारे भीतर नहीं रहने चाहिए। ईर्ष्या, द्वेष, क्रोध, घृणा, अहंकार जैसे भाव हमारे मन की शांति को नष्ट करते हैं। इसलिए हमें इन नकारात्मक भावों को अपने मन से दूर करना चाहिए। 2. ग्रहण और त्याग में सजग रहें। जीवन में हर विचार, भावना और व्यवहार को बिना सोचे-समझे स्वीकार नहीं करना चाहिए। हमें सोच-विचारकर निर्णय लेना चाहिए। 3. आत्मनिरीक्षण से जीवन श्रेष्ठ बनता है। हमें समय-समय पर अपने विचारों, भावनाओं और कर्मों का मूल्यांकन करना चाहिए। यह देखना चाहिए कि हमारे भीतर कौन-से गुण विकसित हो रहे हैं और कौन-सी कमियां हमें पीछे खींच रही हैं। आत्मनिरीक्षण से हम अपनी गलतियों को सुधार सकते हैं, सत्य और प्रेम को अपने जीवन का आधार बना सकते हैं। इस प्रकार हमारा व्यक्तित्व श्रेष्ठ बनता है। आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि का जीवन सूत्र जानने के लिए ऊपर दिए गए फोटो पर क्लिक करें।
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