तीन बहनों पर एसिड अटैक करने वाले को उम्रकैद:गोंडा में एकतरफा प्यार के चलते की थी हरकत, एक का चेहरा बिगड़ा, आंख की रोशनी गई
गोंडा जिले की विशेष अदालत (एससी/एसटी एक्ट) ने तीन सगी बहनों पर तेजाब फेंकने के सनसनीखेज मामले में दोषी 24 वर्षीय युवक को 6 साल बाद कल 30 अक्टूबर को देर शाम 5 बजे के करीब आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जहां फैसले की प्रति आज शनिवार सुबह 11 बजे सामने आई है। विशेष न्यायाधीश आलोक शर्मा की अदालत ने कल शुक्रवार को दोषी पर दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। विशेष लोक अभियोजक कृष्ण प्रताप सिंह के अनुसार घटना 12-13 अक्टूबर 2020 की रात की है। परसपुर थाना क्षेत्र के पसका गांव निवासी गुरई ने अज्ञात हमलावर के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। तहरीर के मुताबिक रात में छत पर सो रही उनकी तीन बेटियों खुशबू, कोमल और आंचल पर किसी ने तेजाब उड़ेल दिया था। इस हमले में तीनों बहनें गंभीर रूप से झुलस गई थीं। हमले में सबसे बड़ी बेटी खुशबू का चेहरा बुरी तरह विकृत हो गया और उसकी एक आंख की रोशनी चली गई। पुलिस विवेचना के दौरान गांव के ही निवासी आशीष जायसवाल की संलिप्तता सामने आई। पुलिस मुठभेड़ में 14 अक्टूबर 2020 को ही पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। जांच में पता चला था कि आरोपी खुशबू से एकतरफा प्रेम करता था और युवती की शादी कहीं और तय हो जाने से आक्रोशित होकर उसने इस वारदात को अंजाम दिया था। सत्र परीक्षण के दौरान विशेष न्यायाधीश आलोक शर्मा ने अभियोजन व बचाव पक्ष के गवाहों के बयान, पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों और वकीलों की दलीलों पर विचार करते हुए आशीष जायसवाल को दोषी करार दिया। अदालत ने उसे आजीवन कारावास और दो लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न भरने की स्थिति में दोषी को दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि जुर्माने की पूरी राशि बीएनएसएस की धारा 395 के तहत पीड़ित बहनों को मुआवजे (प्रतिकर) के तौर पर प्रदान की जाए। वरिष्ठ अधिवक्ता बृजलाल तिवारी ने बताया कि अक्टूबर 2020 में गोंडा का बहुत ही चर्चित मामला था जिसमें अब 6 साल बाद फैसला आया है आरोपी को आजीवन कारावास की सजा हुई है।
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