200 साल पुराने कुएं में गिरने से बुजुर्ग की मौत:6 घंटे बाद निकाल पाए शव; 14 साल पहले किशोर की गिरकर जान गई थी
निगोहां के लालपुर गांव में बुधवार को 200 साल पुराने कुएं में गिरने से 80 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। पुलिस और बचाव दल ने ग्रामीणों के साथ बचाव अभियान चलाया। करीब 6 घंटे बाद शाम 4 बजे बुजुर्ग को कुएं से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। परिवार के मुताबिक, बुजुर्ग सरदार बुधवार सुबह खाना खाने के बाद घर से निकले थे। कुछ समय बाद एक पड़ोसी ने उनके कुएं में गिरने की आशंका जताई। परिजन मौके पर पहुंचे तो कुएं के पास उनकी लाठी और चप्पलें पड़ी थीं। पानी में गमछा दिखने के बाद कुएं में तलाश शुरू की गई। बोरवेल इंजन लगाकर कुएं से पानी निकाला गया निगोहां पुलिस के साथ फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। कुएं में पानी ज्यादा होने से बचाव कार्य में दिक्कत आई। पानी निकालने के लिए ट्रैक्टर और बोरवेल इंजन लगाए गए, लेकिन कुएं में पानी फिर भरने से अभियान में देरी हुई। करीब छह घंटे बाद सरदार को बाहर निकाला गया। पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। इस समय कुएं का कोई इस्तेमाल नहीं सरदार के बेटे शिवदर्शन ने बताया कि उनके पिता की मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहती थी। परिवार में उनकी पत्नी सुखरानी, बेटा शिवदर्शन और बहू हरवादेई हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, खेत में बना यह कुआं करीब 200 साल पुराना है और अब इसका इस्तेमाल नहीं होता। वर्ष 2012 में रामचंद्र के 19 वर्षीय बेटे सूरज की भी इसी कुएं में गिरने से मौत हो गई थी। ग्रामीणों का दावा है कि कई मवेशी भी इसमें गिरकर जान गंवा चुके हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से खुले कुएं को बंद कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे आगे किसी और की जान खतरे में नहीं पड़ेगी।
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