आगरा MLC चुनाव में बूथ कैप्चरिंग पर बड़ा एक्शन:सेक्टर मजिस्ट्रेट समेत 6 अधिकारी सस्पेंड, 21 पर कार्रवाई के आदेश
आगरा में शिक्षक एमएलसी चुनाव के दौरान बूथ कैप्चरिंग और मतदान में गड़बड़ी की शिकायतों पर निर्वाचन आयोग ने बड़ी कार्रवाई की है। फतेहाबाद और सैंया ब्लॉक के दो बूथों पर लापरवाही के मामले में सेक्टर मजिस्ट्रेट समेत 6 अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, दोनों बूथों पर तैनात पीठासीन अधिकारियों, 3 मतदानकर्मियों और 16 पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। इस तरह कुल 27 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। सोमवार को तीन बूथों पर पुनर्मतदान कराया गया। मतदान समाप्त होने के कुछ देर बाद ही आयोग की कार्रवाई सामने आई। मामले में रिटर्निंग अधिकारी एवं मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने निर्वाचन आयोग को रिपोर्ट भेजी थी। आयोग ने कार्रवाई के साथ ही इसकी रिपोर्ट भी मांगी है। बैलेट पेपर सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद उठा मामला 23 अक्टूबर को हुए मतदान के दौरान फतेहाबाद ब्लॉक के कक्ष संख्या-1 स्थित बूथ नंबर 26 और सैंया ब्लॉक के कक्ष संख्या-1 स्थित बूथ नंबर 21 पर हंगामा हुआ था। इन बूथों से संबंधित बैलेट पेपर सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए थे। इसके बाद समाजवादी पार्टी के शिक्षक एमएलसी प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने रिटर्निंग अधिकारी से शिकायत की थी। सपा प्रत्याशी ने चुनाव में निष्पक्षता और पारदर्शिता प्रभावित होने के आरोप लगाए थे। बूथ कैप्चरिंग की शिकायत मिलने के बाद निर्वाचन आयोग ने रिपोर्ट तलब की थी। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इन 6 अधिकारियों को किया गया निलंबित फतेहाबाद ब्लॉक, बूथ नंबर 26 सैंया ब्लॉक, बूथ नंबर 21 21 कर्मचारियों के खिलाफ भी होगी कार्रवाई दोनों बूथों पर तैनात कर्मचारियों की भूमिका की जांच के बाद अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। इसमें दोनों बूथों के पीठासीन अधिकारी, तीन मतदान अधिकारी और 16 पुलिसकर्मी शामिल हैं। पुलिसकर्मियों में पांच मुख्य आरक्षी और 11 सिपाही हैं। संबंधित कर्मचारियों को जल्द आरोपपत्र जारी किए जाएंगे। कार्रवाई की रिपोर्ट निर्वाचन आयोग को भी भेजी जाएगी। खेरागढ़ के बूथ नंबर 20 पर भी हुआ पुनर्मतदान खेरागढ़ तहसील के कक्ष संख्या-1 स्थित बूथ नंबर 20 पर भी सोमवार को पुनर्मतदान कराया गया। हालांकि, इस बूथ के मामले में निर्वाचन आयोग की ओर से संबंधित अधिकारियों या कर्मचारियों पर किसी कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।
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