अयोध्या दीपोत्सव- 56 घाटों पर जलेंगे 30 लाख दीप:2147 अर्चक करेंगे सरयू महाआरती, 2100 ड्रोन दिखाएंगे रामायण प्रसंग; मंदिर जाने का ट्रैफिक प्लान जानिए
अयोध्या में दसवां दीपोत्सव 7 नवंबर को है। इसके लिए शहर के 56 घाटों को सजाया जा रहा है। करीब 30 लाख दीपों से रामनगरी को रोशन करने की तैयारी है। सरयू महाआरती में 2147 अर्चक एक साथ शामिल होंगे। जबकि 2100 स्वदेशी ड्रोन आसमान में रामायण के प्रसंगों को जीवंत करेंगे। दीपोत्सव के दसवें संस्करण को देखने के लिए देशभर से करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में बदलाव किया है। 6 नवंबर की रात 12 बजे से 8 नवंबर तक भारी वाहनों की एंट्री बंद रहेगी। ऐसे में अगर आप लखनऊ, दिल्ली, मुंबई, कानपुर या गोरखपुर से अयोध्या आ रहे हैं, तो यात्रा पर निकलने से पहले पूरा रूट समझ लें। किस स्टेशन पर उतरना सुविधाजनक होगा, एयरपोर्ट से मंदिर तक कैसे पहुंचेंगे? बस कहां मिलेगी? शहर में वाहन कहां तक जा सकेंगे? पढ़िए रिपोर्ट… मुख्य कार्यक्रम में सिर्फ 6 हजार लोगों को प्रवेश दीपोत्सव के मुख्य कार्यक्रम में केवल 6 हजार श्रद्धालुओं को प्रवेश मिलेगा। इनके लिए जिला प्रशासन की ओर से पहले ही पास जारी किए जा चुके हैं। हालांकि, कार्यक्रम समाप्त होने के बाद श्रद्धालु राम की पैड़ी जा सकेंगे। इसके अलावा दीपावली मनाने अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को देखते हुए 9 नवंबर को भी लेजर शो, ड्रोन शो और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से 9 नवंबर को भी अयोध्या पहुंचने की अपील की है। जानिए ट्रैफिक प्लान एयरपोर्ट से मंदिर की दूरी 10 किमी हवाई जहाज से अयोध्या पहुंचने वाले यात्रियों के लिए महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट सुविधाजनक विकल्प है। एयरपोर्ट से राम जन्मभूमि परिसर की दूरी करीब 10 किलोमीटर है। सामान्य दिनों में टैक्सी से लगभग आधे घंटे में मंदिर क्षेत्र पहुंचा जा सकता है। हालांकि, दीपोत्सव पर ट्रैफिक प्रतिबंध के कारण अधिक समय लग सकता है। एयरपोर्ट से दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद और बेंगलुरु जैसे शहरों के लिए उड़ान सेवाएं उपलब्ध हैं। एयरपोर्ट पर ये सुविधाएं मिलेंगी एयरपोर्ट से राम की पैड़ी कैसे पहुंचें? एयरपोर्ट से बाहर निकलने पर टैक्सी और स्थानीय परिवहन के साधन मिलते हैं। सामान्य दिनों में इनकी मदद से राम की पैड़ी और राम मंदिर क्षेत्र तक पहुंचा जा सकता है। लेकिन दीपोत्सव पर स्थिति अलग हो सकती है। भीड़ अधिक होने पर टैक्सी और ई-रिक्शा निर्धारित सीमा तक ही जाएंगे। इसके बाद श्रद्धालुओं को पैदल चलना पड़ सकता है। इसलिए एयरपोर्ट से होटल या धर्मशाला की बुकिंग करते समय यह जरूर पता करें कि वह किस क्षेत्र में है और वहां तक वाहन पहुंचने की अनुमति रहेगी या नहीं। ट्रेन से आ रहे हैं तो दोनों स्टेशन का विकल्प देखें अयोध्या दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, सूरत, बेंगलुरु, कोलकाता, जयपुर, जोधपुर, इंदौर, भोपाल और रायपुर जैसे शहरों से रेल नेटवर्क के जरिए जुड़ी है। टिकट बुक करते समय दोनों स्टेशनों की ट्रेन और समय की उपलब्धता देख लें। दीपोत्सव पर स्टेशन के बाहर भीड़ के कारण स्थानीय वाहन मिलने में समय लग सकता है। बुजुर्गों और बच्चों के साथ यात्रा कर रहे हैं तो अतिरिक्त समय रखें। 1. अयोध्या धाम जंक्शन: राम मंदिर और प्रमुख धार्मिक स्थलों के लिहाज से यह महत्वपूर्ण स्टेशन है। यहां से स्थानीय परिवहन के जरिए मंदिर क्षेत्र पहुंच सकते हैं। 2. अयोध्या कैंट: यह शहर का दूसरा प्रमुख रेलवे स्टेशन है। यहां से भी टैक्सी, ऑटो और दूसरे स्थानीय साधनों से राम मंदिर पहुंचा जा सकता है। बस से आने वालों के लिए भी कई विकल्प सड़क मार्ग से अयोध्या आने के लिए उत्तर प्रदेश परिवहन निगम और निजी बसों की सुविधा उपलब्ध है। पुराने अयोध्या बस स्टेशन से दिल्ली, कौशांबी, लखनऊ, कानपुर, कुशीनगर, आजमगढ़, रायबरेली, प्रयागराज, गोंडा, बस्ती और गोरखपुर के लिए बसें मिलती हैं। दिल्ली के आनंद विहार से एसी और साधारण बसें आती हैं। इसके अलावा मेरठ, आगरा, बरेली, सहारनपुर, देहरादून, हरिद्वार, वाराणसी, गोरखपुर और सोनौली से भी बस सेवाएं उपलब्ध हैं। निजी बस ऑपरेटर दिल्ली, आगरा, जयपुर, इंदौर, नागपुर, अहमदाबाद और छतरपुर जैसे शहरों से एसी, नॉन एसी और स्लीपर बसें चलाते हैं। बस की टिकट बुक करते समय यह जरूर पता कर लें कि वह किस बस स्टेशन पर उतारेगी। वहां से राम मंदिर तक पहुंचने के लिए स्थानीय वाहन या पैदल जाने का विकल्प रखें। राम मंदिर पहुंचने के चार प्रमुख रास्तों के बारे में जानिए- 1. धर्म पथ: साकेत पेट्रोल पंप से लता मंगेशकर चौक तक दीपोत्सव के लिहाज से यह प्रमुख मार्ग है। करीब एक किलोमीटर लंबे इस रास्ते पर आयोजन के दिन वाहनों का संचालन बंद रहेगा। बाइपास और हनुमान गुफा के पास पार्किंग की व्यवस्था की गई है। यहां से श्रद्धालुओं को पैदल जाना होगा। 2. राम पथ: सहादतगंज से लता मंगेशकर चौक तक करीब 13 किलोमीटर लंबा राम पथ अयोध्या का प्रमुख संपर्क मार्ग है। लखनऊ की ओर से आने वाले यात्रियों के लिए यह महत्वपूर्ण रास्ता है। दीपोत्सव पर यहां भीड़ का दबाव बढ़ सकता है। इसलिए निर्धारित पार्किंग और डायवर्जन का पालन करना होगा। 3. भक्ति पथ: हनुमानगढ़ी से रामलला तक यह रास्ता हनुमानगढ़ी तिराहे से राम जन्मभूमि परिसर की ओर जाता है। इसी मार्ग से श्रद्धालु हनुमानगढ़ी, कनक भवन, दशरथ महल और रामलला के दर्शन की यात्रा कर सकते हैं। 4. जन्मभूमि पथ: मंदिर का मुख्य प्रवेश मार्ग करीब 800 मीटर लंबा यह रास्ता बिड़ला धर्मशाला से राम जन्मभूमि परिसर तक जाता है। यहां श्रद्धालुओं के लिए शेड और लॉकर की व्यवस्था है। दीवारों पर रामायण के पात्रों और प्रसंगों को भी उकेरा गया है। दीपोत्सव के दिन मंदिर में प्रवेश और दर्शन की व्यवस्था सामान्य दिनों से अलग हो सकती है। इसलिए प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। राम की पैड़ी पर दिखेगा 30 लाख दीपों का नजारा दीपोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण राम की पैड़ी और सरयू तट रहेगा। इस बार अयोध्या के 56 घाटों को सजाया जा रहा है। यहां करीब 30 लाख दीप जलाए जाएंगे। होटल और धर्मशाला की बुकिंग पहले करा लें दीपोत्सव में लाखों लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए होटल, धर्मशाला और होम स्टे की बुकिंग पहले करा लेना बेहतर होगा। राम मंदिर और राम पथ के आसपास ठहरने की जगह चुनने से पहले यह पता कर लें कि वहां तक वाहन पहुंचने की अनुमति होगी या नहीं। नगर निगम की ओर से पेयजल, शौचालय और सफाई की अतिरिक्त व्यवस्था की जा रही है। सार्वजनिक सुविधाओं के साथ मोबाइल शौचालय और पानी के टैंकर भी लगाए जा रहे हैं। यात्रा पर निकलने से पहले इन 7 बातों का रखें ध्यान अयोध्या आने से पहले यह पूरा रूट समझ लें
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)